सात साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हांसी-तोशाम बाइपास डबल रेलवे फाटक 54 ए पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। निर्माण की आरंभिक प्रक्रिया के तौर पर जमीन की टेस्ट फाइल की गई है और 24 फरवरी से इस रेलवे फाटक से भारी वाहनों के प्रवेश पर डेढ़ साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। हालांकि अन्य वाहन यहां से गुजरते रहेंगे। गुरुवार को डीसी अजय कुमार ने रेलवे व बीएंडआर विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की एसपी को ओवर ब्रिज निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के निर्देश दिए। रेलवे फाटक 54 ए पर ओवरब्रिज निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। निर्माण कंपनी की तरफ से ओवर ब्रिज निर्माण के लिए रेलवे फाटक के दोनों तरफ लगभग 11 फुट गहरी पायल खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। इसके आधार पर ही ओवर ब्रिज के पिलर बनाए जाएंगे। 24 फरवरी से पिलर का कार्य शुरू हो जाएगा और यहां स्थित दोनों रेलवे फाटक से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी।
ये भी होगी व्यवस्था : तोशाम बाइपास से भिवानी-हांसी रोड तक लगभग दो किलो मीटर का सिंगल मार्ग है और जगह जगह से टूटा हुआ है। ओवर ब्रिज निर्माण के चलते इस मार्ग से लगभग डेढ़ साल तक अब भारी वाहन गुजरेंगे। इसलिए डीसी अजय कुमार ने बीएंडआर विभाग को इस मार्ग को चौड़ा करने व मरम्मत करने के आदेश दिए हैं। ताकि भारी वाहन यहां से आसानी से गुजर सके। बीएंडआर विभाग सोमवार से इस मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू करेगा।
डीसी ने ये दिए आदेश
डीसी ने गुरुवार को अपने कार्यालय में तोशाम बाईपास रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को लेकर रेलवे, बीएंडआर व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी ने बताया कि तोशाम-बाईपास रोड पर बनी दोनों फाटकों पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इस दौरान डीसी ने एसपी गंगाराम पूनिया से इस रोड से गुजरने वाले वाहनों के बारे में जानकारी ली।
तोशाम बाइपास पर स्थित रेलवे फाटक नंबर 54ए से प्रतिदिन लगभग 40 हजार वाहन गुजरते है। इनमें से लगभग 30 हजार भारी वाहन होते है। यहां स्थित रेलवे लाइन से हर रोज 45 से अधिक ट्रेन गुजरती हैं, जिससे रेलगाड़ी आने पर लगभग 10 मिनट तक फाटक बंद रहता है। इसके कारण 24 घंटे में से लगभग 11 घंटे यह फाटक बंद रहती है। इसलिए इन रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की जरूरत हुई।
ओवरब्रिज निर्माण पर 37 करोड़ की आएगी लागत
तोशाम बाइपास डबल रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण पर 37 करोड़ की अनुमानित लागत आएगी। यह ओवर ब्रिज 1100 मीटर लंबा व साढ़े सात मीटर चौड़ा बनेगा। सामान्य रूप से ओवरब्रिज की लंबाई लगभग 800 से 900 मीटर होती है। मगर इस मार्ग पर डबल रेलवे फाटक होने के कारण इसकी लंबाई 1100 मीटर होगी।
इसलिए अटकी रही थी फाइल
रेलवे फाटक 54ए पर ओवर ब्रिज के निर्माण की घोषणा 2012 में हुई थी। उसके बाद से कई गतिरोध आए जिन्हें दूर करने में 7 साल का लंबा समय लग गया। प्रक्रिया 2013 में आरंभ हुई थी। इसके बाद खरकड़ी फाटक के नजदीक ही रेलवे बाइपास के निकाले जाने से ओवरब्रिज निर्माण की लंबाई बढ़ गई। बीएंडआर विभाग ने नए फाटक के हिस्से पर ओवरब्रिज निर्माण का खर्च रेलवे विभाग से वहन करने को कहा, जबकि रेलवे ने कहा कि खर्च 50-50 प्रतिशत होगा। इस को लेकर बीएंडआर व रेलवे के बीच पांच वर्षों तक विवाद बना रहा और ओवरब्रिज की फाइल आगे नहीं बढ़ पाई थी। आखिर में पिछले वर्ष दोनों विभागों के बीच आधा-आधा खर्च उठाने का फैसला हुआ था। इसके बाद इसकी फाइल आगे बढ़ पाई थी।
चरखी दादरी, लोहारू व रोहतक गेट से देवीलाल चौक होते हुए तोशाम बाइपास के रास्ते हांसी रोड पर जाने वाले भारी वाहन 24 फरवरी से रेलवे फाटक के नजदीक खरकड़ी रोड स्थित मोड़ से पुलिस लाइन व फ्रेंडस कॉलोनी की तरफ से भिवानी-हांसी रोड पर बने ओवर ब्रिज से होते हुए हांसी व जींद के रास्ते पर पहुंचेंगे। हांसी व जींद की तरफ से आने वाले तोशाम बाइपास की तरफ जाने वाले भारी वाहन भिवानी-हांसी रोड पर स्थित ओवर ब्रिज से होते हुए खरकड़ी रोड स्थित फ्रेंडस काॅलोनी से होते हुए तोशाम बाइपास तक पहुंचंेगे। भिवानी-हांसी रोड पर तोशाम बाइपास मोड पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद किया जाएगा।
इस तरह किया जाएगा वाहनों का रूट डायवर्ट
तोशाम बाईपास रोड पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते डीसी अजय कुमार।
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