एनएच-9 पर भाली आनंदपुर गांव के पास साेमवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे हुए हादसे में 3 किशाेराें की वाहन के नीचे कुचले जाने से माैत हाे गई। हादसे में 15 वर्षीय सौरभ, 16 वर्षीय प्रवीन और 18 वर्षीय प्रमोद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीनों किशोर सुबह अपने खेतों में फौज में भर्ती की तैयारी के लिए प्रैक्टिस के लिए जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली की ओर से आई एक गाड़ी ने तीनों को कुचल दिया। ग्रामीणों के अनुसार हाईवे के दोनों ओर उनके खेत हैं।
हाईवे पर सर्विस लेन नहीं होने के कारण उन्हें खेतों में जाने के लिए इसे पार करना पड़ता है। करीबन सभी वाहन हाईवे से तेज रफ्तार से निकलते हैं। कई हादसों में ग्रामीणों की जान जा चुकी है। पिछले 1 साल में हाईवे पर हुए गांव के पास हुए हादसों में 10 जान गंवाई हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से यहां पर सर्विस लेन नहीं बनाई जा रही। सोमवार को भी तीनों किशोर अपने खेतों में जाते हादसे का शिकार हुए। ग्रामीणों ने हादसे के बाद सर्विस लेन बनाने की मांग करते हुए तीनों के शव को हाईवे पर ही रख कर दिल्ली-हिसार हाईवे पर जाम लगा दिया।
बाद में मौके पर पहुंचे एडीसी महेंद्रपाल ने ग्रामीणों को लिखित में सर्विस लेन बनाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने तीनों किशोरों के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई ले जाने दिया। वहीं तीनों किशोरों की हादसे में जान लेने वाली गाड़ी की भी देर शाम तक पहचान हो गई। तीनों किशोरों को एक ईको गाड़ी ने कुचला था। थाना बहु अकबरपुर थाना पुलिस ने मृतक प्रवीन के चाचा जयबीर की शिकायत पर अज्ञात ईको गाड़ी चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पैर में चोट लगी थी तो इतना पीछे रहा गया की तीन भाई ही खो दिए
गांव भाली के 15 वर्षीय राहुल ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े 4 बजे अपने दोस्त सौरभ, प्रवीन और प्रमोद के साथ भाली आउटर बाईपास पर गया था। उसके पैर में कई दिन पहले चोट लग गई थी। इस कारण वो उनसे थोड़ा पीछे रह गया। राहुल भी साथ था। खेत में जाकर वो प्रैक्टिस करते थे। हाईवे पर एक गाड़ी ने तीनों को टक्कर मार दी। चालक एक बार नीचे उतरा लेकिन फिर गाड़ी लेकर भाग गया। मैं और राहुल पहुंचे तो हमारे तीनों भाई दुनिया छोड़ चुके थे।
फौजी पिता चाहते थे बेटा भी सेना ज्वाइन करे
15 वर्षीय सौरभ भी 9वीं कक्षा का छात्र था। सौरभ के पिता संजीव फौज से रिटायर्ड होने के बाद पुलिस में एसपीओ हैं। रोहतक सिविल लाइन थाना में तैनात है। सौरभ को वो सेना में भेजना चाहते थे।
किसकों बांधेंगी बहनें राखी, 5 बहनों का इकलौता भाई था प्रवीन : 16 वर्षीय प्रवीन 9वीं कक्षा का छात्र था। 3 साल पहले पिता जगदीश की मौत हो चुकी है। परिवार में 5 बहनें हैं।
सेना में जाने का जुनून, रोज 3 घंटे करता था प्रेक्टिस 18 वर्षीय प्रमोद 12वीं का छात्र था। पिता राजकुमार पीडब्लूडी में सुपरवाइजर है। चार भाई बहनों में प्रमोद सबसे छोटा था। सेना में जाना चाहता था। इसलिए रोज 3 घंटे प्रैक्टिस करता था।
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