सिरसा के नटार गांव में सीवरेज में गिरे 25 साल के किसान काली का शव बीते बुधवार से अभी तक नहीं मिल पाया है। किसान के शव की तलाश के लिए लगातार 5वें दिन अभियान जारी है। एनडीआरएफ की टीम ऑप्रेशन चलाए हुए है। टीम अभी तक 20 मैनहोल में से 15 की जांच कर चुकी है, 5 की जांच अभी बाकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एनडीआरएफ आज अपना ऑप्रेशन पूरा कर सकती है। हालांकि मैनहोल में अत्यधिक मात्रा में मीथेन गैस होने से शव के सड़ने की पूरी-पूरी आशंका जताई जा रही है।
एनडीआरएफ की टीम एक-एक मैनहोल में अंदर जाकर जाल के माध्यम से किसान के शव को तलाश रही है। शुक्रवार को 12 सदस्यों की टीम सिरसा पहुंची थी। इसके बाद शनिवार को 8 सदस्यों की टीम फिर से सिरसा पहुंची। 20 लोगों की टीम लगातार दिन-रात ऑप्रेशन चलाए हुए है।
पैर फिसलने के बाद सीवरेज में गिर गया था काली
गांव नटार के 45 वर्षीय पूर्णचन्द और 25 वर्षीय काली उर्फ संदीप बुधवार शाम धान के खेत में पानी देने के लिए नटार सीवरेज डिस्पोजल पर गए थे। यहां काली का पांव फिसल गया और वो डिस्पोजल की डिग्गी में गिर गया, उसे बचाने के लिए पूर्णचंद भी कूद गया। गैस की वजह से दोनों बेहोश होकर डूब गए। सीवरेज के पानी के बहाव में दोनों अंदर बह गए। पूर्णचंद को जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शुक्रवार को उसकी भी मौत हो गई।
बुधवार से जारी है ऑप्रेशन
बुधवार को जिला प्रशासन ने सीवरेज का पानी कम करने के लिए रात में मशीनें लगाईं थी और जेसीबी मशीनें लगाकर खुदाई करवाई थी। जब उन्हें कामयाबी नहीं मिली तो सेना को बुलाया गया। गुरुवार सुबह 9 बजे सेना की टीम मौके पर पहुंची थी। 30 फीट गहरी सीवरेज लाइन की 3 जेसीबी ने खुदाई की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई । इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
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