नूंह नगरपालिका कार्यालय में आगजनी कर रिकार्ड को जलाने के मामले की जांच अब फिर से नूंह पुलिस करेगी। पहले यह जांच पलवल पुलिस को दी गई थी, लेकिन वहां से बिना कोई जांच के यह मामला वापस नूंह पुलिस के पास आ गया है। गुरुवार को पलवल पुलिस ने इस मामले की फाइल नूंह पुलिस के हाथ सौंप दी। जिस पर आगे की जांच होगी।
25 जनवरी, 2020 को नूंह नगरपालिका कार्यालय में आग लगने से कार्यालय का सारा रिकार्ड जलकर खाक हो गया था। नूंह पुलिस ने नगरपालिका के सचिव प्रदीप कुमार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की तो नूंह निवासी जफरूद्दीन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूछताछ की तो पाया कि आग लगाने में नूंह नगरपालिका चेयरपर्सन सीमा सिंगला के देवर नूंह निवासी राहुल पुत्र देव प्रकाश उर्फ मीम भी शामिल पाया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने नगरपालिका में मौजूद कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देना व नगरपालिका के रिकार्ड कार्यालय को जलाकर सबूत नष्ट करने पर पुलिस मुकदमे में अन्य धाराएं भी शामिल कर ली। पुलिस ने जफरूद्दीन को गिरफ्तार कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया तो पूछताछ में उसने बताया कि चेयरमैन सीमा सिंगला के पति विष्णु सिंगला पुत्र कालीचरण द्वारा सारे मामले की साजिश रची गई, साथ ही विष्णु सिंगला के बडौजी रोड स्थित कार्यालय पर जहां साजिश रची गई थी। पुलिस ने जफरूद्दीन को साथ लेकर उसकी निशानदेही भी की, जिसके आधार पर विष्णु सिंगला को भी मामले में आरोपी बनाया गया।
पलवल पुलिस को सौंपी गई थी जांच
पलवल पुलिस कप्तान दीपक गहलावत का कहना है कि इस मामले की फाइल वापस नूंह पुलिस को भेज दी गई है और अब इसकी जांच नूंह पुलिस ही करेगी। वहीं नूंह पुलिस कप्तान द्वारा सरकारी नंबर पर कॉल रिसीव नहीं किए जाने से उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।
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