जलभराव में गिरने से युवक की मौत के बाद धर्मशाला रोड, तुलसी दास चौक के बरसाती पानी निकासी की समस्या के समाधान को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग ने एक नई योजना बनाई है। जिसके तहत वाल्मीकि चौक के पास से लेकर चिल्ली तक बरसाती पानी निकासी नाला निकाला जाएगा। इसके लिए सड़क किनारे पाइप लाइन बिछाकर पानी निकासी की जाएगी। विभाग ने इस प्रस्ताव को तैयार किया है। इस लाइन पर एक करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब इससे संबंधित जगह को लेकर लोगों से बात करके अमलीजामा पहनाया जाएगा। हालांकि इस प्रक्रिया में 4 से 5 महीने समय लगने की संभावना है।
धर्मशाला रोड व तुलसी दास चौक पर आस-पास के एरिया का काफी पानी एकत्र हो जाता है। बड़ी सीवरेज लाइन बिछाए जाने के बावजूद बरसाती पानी निकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जलभराव की वजह से युवक की मौत ने मामले को गंभीर बना दिया है। इसके तहत विभाग वाल्मीकि चौक के पास राजकीय कन्या स्कूल से लेकर धर्मशाला रोड, सन्यास आश्रम रोड के रास्ते चिल्ली तक सड़क किनारे अलग से पाइप लाइन बिछाएगा। जिससे बरसाती पानी चिल्ली तक पहंचेगा।
वहां से चिल्ली से रंगोई नाले तक बिछाई जाने वाली पाइप लाइन में जुड़ेगा। जिससे यह पानी इस पाइप लाइन के जरिए शहर से बाहर निकल जाएगा। इतना ही नहीं राजकीय कन्या स्कूल में पंपिंग स्टेशन लगाया जाएगा, जिसके जरिए तुलसी दास चौक पर भरे पानी को खींचकर उक्त नई लाइन में डाला जाएगा। जिससे पानी कुछ ही घंटों में निकल जाएगा।
दो फुट गहरी हाेगी पाइप लाइन : जनस्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक बरसाती पानी निकासी की यह पाइप लाइन सड़क किनारे करीब दो फुट गहराई तक ही बिछाई जाएगी। जिससे सड़क को उखाड़ने आदि की जरूरत नहीं पड़ेगी। सड़क किनारे वाली जगह पर ही लाइन बिछा दी जाएगी। करीब एक फुट वाली पाइप लाइन बिछाई जाएगी। विभाग के मुताबिक स्कूल में लगाए जाने वाले पंपिंग सेट के लिए जगह मिल जाती है तो काम काफी आसान हो जाएगा।
सीवरेज प्लांट की क्षमता डेढ़ करोड़ लीटर
विभाग के अधिकारियों की मानें तो खैराती खेड़ा रोड पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता डेढ़ करोड़ लीटर है। यदि दिन भर में 15 से 20 मिनट तेज बारिश होती है तो अकेले तुलसी दास चौक के पास आस-पास के एरिया का पानी एकत्र हो जाता है। जिसकी मात्रा तकरीबन 8 करोड़ लीटर तक होेती है। यानि सीवरेज ट्रीटमेंट पानी की क्षमता से 7 गुणा अधिक। ऐसे में जल्दी निकासी काफी मुश्किल हो जाता है।
चिल्ली के पास पड़े खाली मैदान में पानी छोड़ने पर खेत मालिकों ने ऐतराज जताते हैं। सीवरेज लाइन बिछने के बाद वह भी नहीं निकल पा रहा है। इन सारी समस्याओं को देखते हुए बरसाती पानी निकासी पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव बनाया गया है।'' गिरीश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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