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Monday, 27 July 2020

निजी बसों में नहीं दिखी दो गज की दूरी, काटे चालान, लॉकडाउन के बाद 50 फीसदी सवारियों के साथ संचालित करनी थीं बसें

जिला में संचालित निजी बसों में ज्यादा सवारियां बिठाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाए जाने का मामला उजागर हुआ है। जबकि कोरोना से बचाव के तहत 50 फीसदी यानि 25 से ज्यादा सवारियां नहीं बिठाने की हिदायत है। लेकिन इसके बावजूद बसों में ठूंसकर सवारियां भरने की लापरवाही सामने आई है। नियमों को दरकिनार कर बसों का संचालन होता है।

एडीसी उत्तम सिंह के निर्देशानुसार सोमवार को सहायक आरटीए सचिव की टीम बसों का निरीक्षण करने पहुंची। बसों में ज्यादा सवारियां बिठाने और कोरोना से बचाव के नियमों की उल्लंघना पर टीम ने 8 बसों के चालान किए। जिनमें 20 से 30 सवारियां ज्यादा थी। इसके अलावा एक ओवर लोडिड ट्राले का भी चालान किया गया। जिसको 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। उधर लोकल व राज्यीय स्तरीय बसों की सेवाएं बहाली से बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की भीड़ चिंता का विषय बनी है। जिले में कोरोना संक्रमितों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

मरीजों की संख्या 337 तक पहुंच चुकी है। लेकिन इसके बावजूद लोग कर्तव्यों की पालना को लेकर गंभीर नहीं हैं। सार्वजनिक स्थलों में एकत्रित लोग सामाजिक दूरी और मास्क पहनने का ध्यान तक नहीं रखते हैं। वहीं लोकल रूटों पर सवारियां कम होने के चलते कई बसों का संचालन नहीं हो पाया है। जबकि संचालित बसों में ज्यादा सवारियां बिठाकर कोरोना से बचाव के मानकों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। यह मामला एडीसी उत्तम सिंह के संज्ञान में आया, तो एडीसी ने एक टीम गठित कर बसों की चेकिंग करवाई।

जिसके तहत (राजपुरा माजरा सोसायटी) ऐलनाबाद से डबवाली, (मिठड़ी को- ओपरेटिव) सिरसा से डबवाली, (मौजदीन कंबोज सोसायटी) डबवाली से सिरसा, (डबवाली वीर सोसायटी) डबवाली से सिरसा, (डबवाली बराड़ सोसायटी व गोयल सोसायटी) डबवाली से सिरसा की बीच रास्ते रोककर चेकिंग की। इनमें सवारियां ज्यादा पाए जाने पर बसों के चालान काटे गए हैं।

ग्रामीण रूटों पर 50 फीसदी सवारियों के साथ संचालित होनी थी 24 निजी बसें
जिला में सहकारी सोसायटी की 95 बसें हैं। लॉकडाउन से पहले इन बसों से 250 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों को सेवाएं मिलती थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान यह बस सेवाएं बंद थी। अनलॉक की प्रक्रिया के बाद 3 जुलाई से निजी बसों का संचालन शुरू हो गया था। हालांकि एक महीने तक 25 फीसदी यानी कि 24बसें रूटों पर उतरी जानी थी। सोसायटी की बसों को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया था। चारों सप्ताह अलग- अलग बसों को 50 फीसदी सवारियों के साथ चलाया जाना है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग व चेहरे पर मास्क सहित कोरोना वायरस से बचाव के मानकों का ध्यान रखना भी अनिवार्य किया गया था। लेकिन बसों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से बचाव के मानकों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं।

कोरोना से बचाव के मानकों की अवमानना पर काटे चालान
जिला के लोकल रूटों पर संचालित निजी बसों का निरीक्षण किया गया, जिसके तहत बसों में सवारियां 50 फीसदी से ज्यादा थी। कोरोना से बचाव के मानकों को दरकिनार करने पर 8 बसों के चालान काटे गए हैं। चेकिंग जारी रहेगी और नियमों की अवमानना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'' उत्तम सिंह, एडीसी, सिरसा।



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सिरसा। कोरोना से बचाव के मानकों को ताक पर रखकर चलाई जा रही निजी बसों के चालान काटते हुए आरटीए की टीम।


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