चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाली नोहर फीडर में कई हादसे हो चुके हैं। एक बार फिर एक बड़ा हादसा हो गया। हादसे का पता उस समय लगा जब नहर किनारे खड़े बाइक पर लगातार मोबाइल की घंटी बजती रही और उठाने वाला कोई नहीं था। जूते जुराब भी बिखरे पड़े थे। जैसे कोई भागकर नहर में छलांग लगा गया हो।
इधर उधर देखने के बाद भी कोई नहीं दिखा तो पास ही काम कर रहे किसानों ने मोबाइल को उठाया और बात की। आगे से महिला की आवाज आई और कहा कि कब से फोन कर रही हू। फोन क्यों उठा नहीं रहे। कहां रह गए। इस पर फोन उठाने वाले किसान ने बताया कि यहां काफी देर से बाइक खड़ा है, मगर इसके पास कोई नहीं है। लगता है कोई हादसा हो गया।
इसके बाद किसानों ने तुरंत चौपटा थाना में सूचना दी। थाना प्रभारी जयभगवान शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुआयना किया। उसके बाद अनुमान लगाया कि कोई डूब गया है। तुरंत नहर को बंद करवाया गया और गोताखोर बुलाकर सर्च अभियान शुरू किया। तभी डूबने वालों के परिजन भी आ गए उन्होंने बताया कि उनके दो लड़के काम करने के लिए भट्ठू गए थे।
खोजबीन के बाद एक युवक का शव मिला लुदेसर के पास दूसरे का सेम नाला के नजदीक
चौपटा पुलिस और मृतक के परिजनों ने 20 घंटे तक गोताखोर लेकर नहर में सर्च अभियान चलाया। सोमवार को सुबह 11 बजे जब पानी का बहाव कम हो गया तोे शव अलग अलग जगह बरामद हुए। एक का शव चौपटा के पास सेम नाले के पुल के पास मिला और उसके साथी का शव लुदेसर के निकट एक पुल के पास बरामद हुआ । युवकों की पहचान सिरसा के गोशाला मोहल्ला निवासी सन्नी और जगाधरी निवासी प्रखर जोधा के रूप में हुई। दोनों युवक एक हार्डवेयर कंपनी में फॉल्स सीलिंग का काम करते थे और रविवार को कंपनी के काम से ही भट्टू मंडी में गए हुए थे। वापस आते समय उनके साथ हादसा हुआ। मृतक के पिता बोले-अगर छुट्टी के दिन उन्हें काम के लिए नहीं बुलाया होता तो दोनों बच्चों के साथ यह हादसा नहीं होता।
पुलिस के मुताबिक पानी पीते समय एक युवक नहर में गिरा, दूसरा बचाने के प्रयास में डूबा
चौपटा थाना पुलिस के मुताबिक रविवार की दोपहर को 3 बजे के करीब 22 वर्षीय सन्नी और 24 वर्षीय प्रखर जोधा दोनों पानी पीने के लिए नहर पर रुके थे। सभंवत: सन्नी पानी पी रहा था। उसी समय उसका संतुलन बिगड़ा और वही पानी में गिर गया। दोस्त को पानी में डूबते देख प्रखर जोधा ने जल्दबाजी में अपने जूते जुराब वहीं निकाल फैंके और वह भी नहर में कूद गया। दोनों तैरना नहीं जानते थे। आसपास किसी ने उन्हें डूबते नहीं देखा। थोड़ी दूर पर किसान काम कर रहे थे। जब शाम को वे घर जाने लगे तो बाइक पर रखे मोबाइल में घंटियां बज रही थी। लेकिन कोई उठा नहीं रहा था। इसलिए उसने फोन उठाया। फोन सन्नी की पत्नी का था। उसने घर आने के बारे में पूछा तो किसान ने पूरी कहानी बताई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2EgOG0b