
बच्चे की चाह हर माता-पिता के मन में होती है, लेकिन औलाद किसी बीमारी से ग्रसित पैदा होने पर कुछ कठोर दिल अपने अंश को बेसहारा छोड़ देते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है एक साल के गणेश की। जन्म से जेनेटिक डिसॉर्डर क्लेफ्ट लिप से ग्रसित इस बच्चे को उसके बायोलॉजिकल पेरेंट्स ने नदी किनारे मरने के लिए छोड़ दिया था। मैनपुरी निवासी कपल ने उस बच्चे को अपना कर नई जिंदगी दे दी।
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