किसान रघबीर चट्ठा, सुखवंत, विक्रम गुरजंट सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि सरकार ने अप्रैल में गेहूं की खरीद करके इसे बैगों में भरकर मंडियों में शेड के नीचे और बाहर स्टैग लगा दिए। अब उनकी धान की फसल पककर मंडियों में आने लगी है। 20 प्रतिशत धान की कटाई हो चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार ने न तो सरकारी खरीद शुरू की है और न ही उन्हें मंडियों में धान उतारने के लिए जगह मिल रही है। जगह की तंगी में आढ़तियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। यदि समय पर फसल मंडी में नहीं पहुंची तो उनका नुकसान होगा और खेत खाली न होने से गेहूं की बिजाई में भी देरी होगी। उधर, कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा किसानों के फोन पर खराब मौसम के संकेत मिल रहे है। इससे किसानों की चिंता बढ़ रही है। किसानों ने सरकार से मांग की कि मंडियों में लगी गेहूं की बोरियों को यहां से उठाकर जगह खाली करवाई जाए और सरकारी खरीद तुरंत शुरू की जाए। वहीं खरीद एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि ढांड से स्पेशल ट्रेन लगाकर माल उठवाया जा रहा है। गुमथलागढू मंडी व पिहोवा नई अनाज मंडी के स्पेशल ट्रेन के जरिए काफी हद तक माल उठाया जा चुका है। सरकारी खरीद शुरू होने से पहले मंडियों को खाली कर दिया जाएगा।
पिहोवा | अनाजमंडी में नारेबाजी करते गुमथला के किसान।
पिहोवा | अभी तक मंडियों में लगे हैं खरीदे गए पुराने गेहूं के अंबार।
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