असल में गुरुवार को भिखारी दिख रहे युवक के पैर से खून बहता देख गीता गोपाल संस्था के सदस्य साहिल ने उसे पट्टी के लिए पास बुलाया। इसी दौरान उससे पूछा-कहां के हो। युवक जगह नहीं बता सका लेकिन उसने थोड़ा याद करने के बाद एक मोबाइल नंबर बताया। यह नंबर मिलाया तो आजमगढ़ में शिशुपाल को मिला। साहिल ने युवक के बारे में बात की तो पता लगा कि ये शिशुपाल के ताऊ का बेटा धनंजय उर्फ धर्मेंद्र है, जो करीब दो साल पहले घर से गायब हो गया था। शुक्रवार को धनंजय की बहन नेहा उसे लेने पहुंची। भाई मंदिर के बाहर बैठा था। दाढ़ी और बाल बढ़े हुए थे। बहन को देखते ही धनंजय ने उसे पहचान लिया। बहन के मुंह से सिर्फ यही निकला-धमेंद्र तुम्हें भाई का फोन नंबर याद था तो दो साल पहले फोन नहीं करवा सकते थे।
2 साल से भीख मांग रहा युवक आजमगढ़ का करोड़पति निकला, मानसिक स्थिति बिगड़ने पर घर से चला आया था, अब चचेरे भाई का मोबाइल नंबर याद आया तो मिला परिवार
आजमगढ़ का धनंजय ठाकुर अम्बाला मेें इस हालत में मिला।
धनंजय की पुरानी तस्वीर।
बहुत ढूंढा, हम तो आस छोड़ बैठे थे : नेहा
नेहा ने दैनिक भास्कर को बताया कि इकलौता भाई होने की वजह से धनंजय परिवार का लाडला था और हठी था। इसी बीच उसे नशे की लत लग गई, जिससे उसकी मनः स्थिति बिगड़ती गई और एक दिन घर से गायब हो गया। परिवार ने उसे ढूंढने के लिए हर कोशिश की। अब तो घरवालों की आस भी छूट गई थी।
संयोग: बहन ने गुरुवार के व्रत रखे, गुरुवार को ही मिला भाई
बहन नेहा सिंह के साथ धनंजय।
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