सोनीपत | सोनीपत के गांव डबरपुर के पहलवान सुनील कुमार ने सीनियर एिशयन चैंपियनशिप में ग्रीको रोमन कुश्ती में 27 साल बाद देश को गोल्ड मेडल दिलाया है। उन्होंने फाइनल में किर्गिस्तान के सालिदिनोव को हराया। इसी के साथ उन्होंने ओलिंपिक कोटा हासिल कर लिया। इससे पहले साल 1993 में पप्पू यादव ने गोल्ड जीता था।
एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के मुकाबले मंगलवार से शुरू हुए। पहले दिन ग्रीको राेमन के मुकाबले हुए। लेकिन सबकी निगाहें फ्री स्टाइल के मुकाबले पर हैं। इसके मुकाबले 20 फरवरी से होंगे। पुरुषों के 74 किग्रा वेट कैटेगरी में जितेंद्र कुमार और महिलाओं की 62 किग्रा वेट कैटेगरी में सोनम मलिक उतर रही हैं। अगर दोनों खिलाड़ी अपने-अपने कैटेगरी में मेडल जीत लेते हैं तो एशियन ओलिंपिक क्वालिफिकेशन के लिए इस कैटेगरी का ट्रायल नहीं होगा।
दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार 74 किग्रा वेट कैटेगरी में ही उतरते हैं। 2016 रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक 62 किग्रा वेट कैटेगरी में खेलती हैं। लेकिन दोनों खिलाड़ी टूर्नामेंट में नहीं उतर रहे हैं। सुशील चोट के कारण ट्रायल में नहीं उतरे थे जबकि साक्षी को सोनम से हार मिली थी।
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के वेट कैटेगरी का ट्रायल नहीं होगा। अगर उन्हें मेडल नहीं मिला तो ही ट्रायल कराया जाएगा। उन्होंने कहा है कि एशियन चैंपियनशिप फेडरेशन के लिए काफी महत्व वाला है। क्योंकि इसके बेहतर आयोजन के बाद उनकी कोशिश होगी कि एशियन ओलिंपिक क्वालिफाइंग की मेजबानी भी भारत को मिले।
पहले दिन सुनील कुमार ने 87 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। 27 साल बाद ग्रीका रोमन कैटेगरी में हमें गोल्ड मिला। सुनील ने फाइनल में किर्गस्तान के अजात सालिदिनोव को 5-0 से हराया। वहीं अर्जुन को 55 किग्रा वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मिला।
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