राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने केजीएमयू में किया प्लाज्मा बैंक का वर्चुअल उद्घाटन, यहां 830 यूनिट संग्रह करने की क्षमता - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Saturday, 15 August 2020

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने केजीएमयू में किया प्लाज्मा बैंक का वर्चुअल उद्घाटन, यहां 830 यूनिट संग्रह करने की क्षमता

स्वतंत्रता दिवस पर उत्तर प्रदेश कोरोना की जंग में सबसे बड़ी सौगात मिली है। यहां किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शनिवार की शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने देश के सबसे ज्यादा क्षमता वाले प्लाज्मा बैंक का वर्चुअल उद्घाटन किया। ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉक्टर तूलिका चंद्रा ने बताया कि, प्लाज्मा बैंक की क्षमता दिल्ली, महाराष्ट्र के अस्पतालों से अधिक है। इसमें 830 यूनिट प्लाज्मा संग्रह करने की क्षमता है। अब तक 45 लोग कोरोना को मात देकर प्लाज्मा दान कर चुके हैं। 25 मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया भी जा चुका है।

राज्यपाल ने बोलीं- यह थेरेपी कारगर साबित हो रही

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि कोरोनावायरस के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी कारगर है। प्लाज्मा डोनेशन के लिए संक्रमण मुक्त हो चुके नागरिकों को प्रेरित करें, जिससे प्लाज्मा की कमी ना रहे। उन्होंने देश के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयास से कोरोनावायरस से होने वाली मौतों की संख्या भारत में काफी कम है। इलाज के लिए सुविधाओं में विस्तार हो रहा है। प्रदेश में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज शुरू किया जा चुका है तथा आने वाले समय में लोग स्वप्रेरणा से प्लाज्मा देने आगे आ सकें। इसके लिए भ्रांतियां दूर कर उन्हें प्लाज्मा डोनेशन के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसके लिए चिकित्सा सेवाओं में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना रोगियों को स्वस्थ करने में केजीएमयू के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अच्छा कार्य किया गया है। इसे बरकरार रखना होगा।


वीसी ने कहा- यह गर्व और गौरव का विषय

कार्यक्रम में केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ बिपिन पुरी ने प्लाज्मा बैंक की स्थापना को गर्व व गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में कोरोनावायरस से बचाव के लिए विभिन्न दवाओं का प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन कोई भी यह सटीक दावा नहीं करता है कि यह दवाएं कोरोनावायरस पर कितनी असरदार हैं, लेकिन ऐसा देखा गया है कि प्लाज्मा थेरेपी से कोरोनावायरस से ग्रस्त रोगियों की हालत में सुधार होता है और इसी गंभीरता को देखते हुए कुलाधिपति ने इस प्लाज्मा बैंक को गंभीरता से लिया और यह कार्य केजीएमयू में संभव हो पाया। कुलपति ने कहा कि इस प्लाज्मा बैंक में दान कर्ताओं द्वारा दान किए गए प्लाज्मा को स्टोर करने, इसके नमूने को एकत्रित करने के साथ ही इसे अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों को दिए जाने की सुविधा उपलब्ध होगी।


प्लाज्मा फेरेसिस की प्रक्रिया पूर्णतया सुरक्षित एवं हानि रहित

ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि प्लाज्मा फेरेसिस की प्रक्रिया पूर्णतया सुरक्षित एवं हानि रहित है। इस प्रक्रिया में दानकर्ता का ब्लड प्लाज्मा फेरेसिस मशीन में डाला जाता है तथा केवल वही ब्लड प्रयोग में लाया जाता है। जिसमें कोरोना संक्रमण से लड़ने की एंटीबॉडी होती है एक आम इंसान में सामान्यतः 5 से 6 लीटर रक्त होता है। जबकि इस प्रक्रिया के लिए सिर्फ 400 से 500 मिलीलीटर लिया जाता है और रक्त का अवशेष प्लाज्मा फेरेसिस मशीन द्वारा शुद्ध करके उनके शरीर में पहुंचा दिया जाता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल ने प्लाज्मा बैंक का वर्चुअल उद्घाटन किया।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2PTtrnV
via IFTTT

ADD











Pages