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Sunday, 27 September 2020

पीजीआई में खुले में सैंपलिंग न होने से टूट रहा सुरक्षा चक्र, 180 डॉक्टर व कर्मी मिल चुके संक्रमित

पीजीआईएमएस कोरोना हाट स्पॉट बन चुका है। यहां से अब तक 180 से ज्यादा चिकित्सक और हेल्थ केयर वर्कर कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और अभी भी संक्रमण से ग्रस्त चिकित्सक लगातार मिल रहे हैं। इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी की ओर से किए जा रहे प्रयास ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण का प्रसार होने की मुख्य वजह सी ब्लॉक में हो रही सैंपलिंग को माना जा रहा है। पीजीआई से चिकित्सकों और हेल्थ केयर वर्कराें के संक्रमित होने का सिलसिला जारी रहने से चिंतित सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला खुले एरिया में संदिग्ध लोगों की सैंपलिंग कराने के लिए पीजीआई प्रशासन को लिखित में पत्र भेज चुके हैं।

लेकिन अभी तक खुले एरिया में सैंपलिंग का कार्य शुरू नहीं किया गया। लिहाजा इमरजेंसी विभाग से 60 कदम की दूरी पर हो रही सैंपलिंग कोरोना संक्रमण के प्रसार का जरिया बन रही है। वहीं, पीजीआई ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजाें के बारे में भी पुख्ता ताैर पर नहीं कहा जा सकता कि उनमें काैन काेराेना पाॅजिटिव है और काैन नहीं। स्टाफ की ओर से जरा सी भी लापरवाही कोरोना संक्रमण की चेन को बढ़ा सकती है।

इस वजह से पीजीआई में आने वाले मरीजों का सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खड़े होना और बुखार-खांसी के लक्षण होने पर पहले टेस्ट करवाना जरूरी है। हेल्थ यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि खुले एरिया में सैंपलिंग कराने के बाबत पीजीआई प्रशासन से बात करके कुछ बताया जा सकेगा। रविवार काे लगातार दूसरे दिन काेराेना ने 100 का आंकड़ा छुआ।

जनसेवा संस्थान के मरीजाें काे चार दिन बाद सूची में जाेड़ा

सिविल सर्जन कार्यालय ने चार दिन पूर्व जनसेवा संस्थान में मिले 87 कोरोना संक्रमित में से 50 मरीजों का आंकड़ा रविवार को जारी मीडिया बुलेटिन में दर्शाया। स्वास्थ्य विभाग ने तर्क दिया था कि जब पूरी सैंपलिंग हाे जाएगी, तब जनसेवा संस्थान के मरीजाें काे सूची में डाला जाएगा। यहां से गंभीर मरीजाें काे पीजीआई में भर्ती करवाया गया है। मरीजाें में दिव्यांगाें और बुजुर्गाें के हाेने की वजह से चिंता की स्थिति बनी हुई है। हालांकि यहां के अधिकतर मरीजाें में लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं।

बनियानी गांव से भी 9 मरीज आए

रविवार काे सूची में दर्शाए गए शेष 50 मरीजों में डॉक्टर, बैंक कर्मचारी, व्यापारी, बनियानी गांव से नौ और एक सरकारी टीचर को संक्रमित पाया गया है। जिले में 758 मरीज होम आइसोलेशन और 52 मरीज पीजीआई में उपचाराधीन हैं। जिले में अब तक 5634 लोग संक्रमित मिल चुके हैं और काेविड पॉजिटिवटी रेट 4.76 फीसदी पर दर्ज किया गया है। वहीं 4766 मरीजों के संक्रमण मुक्त होने के साथ रिकवरी रेट का ग्राफ 84.59 फीसदी पर पहुंच गया है।



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रोहतक। पीजीआई के इमरजेंसी विभाग से 60 कदम की दूरी पर हो रही कोरेाना संदिग्ध लोगों की सैंपलिंग।


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