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Wednesday, 7 October 2020

नॉर्थ एमसीडी की पार्किंग, कॉलोनियों से हटाई जाएगी डंप गाड़ियां, सूची की जा रही है तैयार, डिप्टी चेयरमैन पर हो सकती है कार्रवाई

उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के पार्किंग, कालोनियों व अन्य जगहों पर लंबे समय से खड़ी गाड़ियों को जल्द डंप किया जाएगा। नॉर्थ एमसीडी ऐसी सभी डंप गाड़ियों की सूची तैयार करेगा। इन सभी गाड़ियों को जब्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में साफ-सफाई को बेहतर बनाया जा सके। इस संबंध में स्थायी समिति की बैठक में फैसला लिया गया।

नॉर्थ एमसीडी के नेता सदन योगेश वर्मा ने बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में हजारों ऐसी गाड़ियां हैं जो लंबे समय से पार्किंग, कालोनियां सहित अन्य जगहों पर खड़ी हैं। इन डंप गाड़ियों के कारण क्षेत्र में सफाई नहीं हो पाती। इनके आसपास जानवर बैठे रहते हैं। कई बार इन गाड़ियों के कारण दुर्घटनाएं भी हो जाती है।

इन गाड़ियों के कारण लोग भी परेशान हो रहे है। इन गाड़ियों से होने वाली समस्याओं को देखते हुए सदन ने इन्हें हटाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसमें तय किया जायेगा कि कैसे इनपर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हर वार्ड में करीब 100-100 ऐसी गाड़ियां मिल सकती हैं, जो लंबे समय से खड़ी हैं।

डिप्टी चेयरमैन पर होगी कार्रवाई
नार्थ एमसीडी के डिप्टी चेयरमैन विजेंद्र यादव पर कार्रवाई हो सकती है। दरअसल नार्थ एमसीडी के स्थायी समिति की बैठक में उन्होंने समिति के अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी के सामने एक इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने कोई सबूत भी नहीं दिए। सदन में जब वह बोल रहे थे तब नेता सदन ने उन्हें रोकने का भी प्रयास किया। इस संबंध में नेता सदन योगेश वर्मा ने कहा कि विजेंद्र यादव ने बिना किसी तथ्यों के अपनी बात रखी। वह राजनीतिक बयान दे रहे थे। यह अनुशासनहीनता है। इसपर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस घटना के संबंध में पूरी रिपोर्ट बना कर प्रदेश अध्यक्ष को भेज दी गई है। पार्टी इस सम्बन्ध में जल्द ही अपना फैसला लेगी।

नार्थ एमसीडी की गलत सील की संपत्तियां का डी सील का कार्य शुरु

उत्तरी दिल्ली नगर निगम में निगरानी समिति द्वारा जिन संपत्तियों को गलत सील किया गया था उन्हें गुरुवार से डी सील किया जाएगा। इस संबंध में नेता सदन योगेश वर्मा ने बताया कि निगम में करीब 1356 संपत्तियां हैं, जिन्हें जांच के बाद डी सील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी रिहायशी संपत्ति को डी सील करने से पहले निगम के अधिकारी पूरी प्रक्रिया का पालन करेंगे और जल्द से जल्द लोगों को राहत दी जाएगी। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में नेता सदन योगेश वर्मा ने बताया कि जो भी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के तहत आते हैं, उन्हें भी डी सील सुविधा का लाभ मिलेगा। ऐसे लोगों को निगम को जानकारी देनी होगी। निगम उक्त की जांच कर ऐसी सभी संपत्तियों को चिन्हित करेगा। बाद में उन्हें भी डी सील किया जा सकता है।



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