
मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित कर्मचारियों की कॉलोनी में एमआरआइ विभाग के इंचार्ज वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव अपनी पत्नी आशा श्रीवास्तव और पुत्री खुशी श्रीवास्तव के साथ रहते थे। 17 मई की सुबह वीरेन्द्र अपनी ड्यूटी पर चले गए थे, पुत्री खुशी स्कूली चली गयी थी। पुत्री स्कूल से वापस लौटी, तो उसने अपनी मां को आवाज दी, लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने पिता के साथ काम करने वाले एक अंकल को बताया। उन्होंने दीवार फांदकर अन्दर जाकर देखा, तो आशा का शव खून से लथपथ पड़ा था। पास में ही अलमारी खुली पड़ी थी और जेवर गायब थे। वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने पहले तो हत्या का मामला दर्ज किया, जांच में लूट सामने आयी, तो धाराओं में बढ़ोत्तरी कर दी थी।
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