
चावल निर्यातक व किसानों के लिए चीन से अच्छी खबर आई है। चीन में पहली बार भारतीय चावल का निर्यात होगा। दोनों किस्मों के चावल का जल्द निर्यात हो सकता है। चीन सरकार ने 19 भारतीय चावल कंपनियों को क्लीयरेंस भी दे दी है। भारत से यूरोप व अरब के देशों में चावल का निर्यात कई सालों से हो रहा है। प्रति वर्ष औसतन 40 लाख टन बासमती चावल और 85 लाख टन गैर बासमती का निर्यात होता है। यूरोप के देशों में बासमती चावल का ज्यादा निर्यात होता है। पीआर व 1121 किस्म का चावल अरब के देशों की पहली पसंद है, लेकिन इस बार चीन के मिलर्स एवं व्यापारी भारत से बासमती, गैर बासमती और यहां तक की टूटे चावल का आयात करने के इच्छुक हैं।
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