पानीपत( मनोज कुमार ). इनेलो की बुधवार को कैथल में ताऊ देवीलाल के जयंती समारोह के लिए एनडीए में पार्टी के साथी रहे एवं पूर्व में इस कार्यक्रम में शिरकत करते रहे दूसरे राज्यों के कई सीनियर नेताओं को भी न्यौता दिया गया है। इनमें कई वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व प्रधानमंत्री शामिल हैं। लेकिन मंच पर इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला रहेंगे या नहीं, इस पर फैसला मंगलवार को होगा। पत्नी स्नेहलता के निधन पर वे 14 दिन की पैरोल पर आए थे। बाद में 28 दिन की पैरोल और बढ़वाई गई थी, लेकिन अब 25 सितंबर को कैथल में होने वाली रैली से ठीक एक दिन पहले उनका पैरोल का समय खत्म हो रहा है। मंगलवार शाम तक उन्हें वापस तिहाड़ जेल में पहुंचना है। लेकिन चौटाला की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में पैरोल को दो दिन की एक्सटेंशन देने के लिए याचिका दाखिल की गई है।
इनेलो ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश यादव, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के अलावा चंद्रबाबू नायडू को न्याेता भेजा है। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को भी निमंत्रण दिया है। अभय चौटाला ने कहा कि बादल का स्वास्थ्य कुछ कमजोर है, लेकिन वे पहले के कार्यक्रमों में आते रहे हैं। बादल को जननायक जनता पार्टी की रैली में नहीं बुलाया गया था। इस पर दुष्यंत चौटाला का कहना है कि यह संगठन की रैली थी, इसलिए नहीं बुलाया।
रैलियों की भीड़ से चाचा-भतीजे का वजन तौलेगी जनता
कैथल में होने वाली रैली में भीड़ जुटाने के लिए इनेलो ने पूरी ताकत लगाई हुई है। अभय चौटाला समेत इनेलो के वर्कर जुटे हुए हैं। रैली स्थल पर पंडाल लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि विधानसभा चुनाव से पहले जजपा की रोहतक में हुई रैली और इनेलो की कैथल में होने वाली रैली में मौजूद रहने वाली भीड़ पर सभी सियासतदानों की नजर भी रहेगी। क्योंकि रैली की भीड़ से प्रदेश की जनता दोनों का सियासी वजन भी तौलने के लिए तैयार है।
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