मोती नगर स्थित कबीर जन कल्याण सेवाश्रम नगर खेड़ा में चल रही साप्ताहिक भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर व्याख्यान कथाव्यास आचार्य सनातन चैतन्य महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण व श्रीराम अपने लीला क्रम में क्रमशः ताड़का व पूतना को मारें, यह करते हुए भगवान साधक भक्तों को संदेश देना चाहते हैं कि अगर अपनी आध्यात्मिक साधना में आगे बढ़ना चाहते हो तो सर्वप्रथम अपने अंदर की अविद्या अर्थात अज्ञानता को मिटाना होगा। पूतना के बाद श्रीकृष्ण को मारने के लिए कंस ने शकटासुर राक्षस को भेजा जो छकड़ा में िछपा, जहां मैय्या यशोदा ने गाड़ी के ऊपर दूध-दही से भरा मटका रखा हुआ था और गाड़ी के नीचे श्रीकृष्ण काे रखा था। भगवान शकटासुर को मार कर यह संदेश देना चाह रहे हैं कि जड़ भौतिक पदार्थों को जीवन में उतना महत्व मत दो। चेतन तत्व (भगवान श्रीकृष्ण) को यशोदा मैय्या जैसे नीचे मत रखना।
आचार्य चैतन्य ने कहा कि श्रीकृष्ण की सभी लीलाओं से हम शिक्षा ले सकते हैं। चैतन्य महाराज ने माखन चोरी लीला, चीरहरण लीला, गोवर्धन लीला, रास लीला, कंस वध लीला, द्वारका निर्माण की कथा पश्चात श्रीकृष्ण-रुकमणि विवाह प्रसंग को सुनाया। कथा में यशपाल शर्मा, मनोज शर्मा, समाज सेवी पंडित नरेश शास्त्री, मीनाक्षी शर्मा, सविंद्र वर्मा, भावना गुप्ता, रजनीश गुप्ता, संजीता रानी, कुमारी सुरभी, लता मलिक, बलविंद्र शर्मा बबली, निम्मी, विजय कुमार, दयावती, माया देवी, मनदीप शर्मा, तिलकराज सेन, रोहित वर्मा, नमन कुमार, योगेश कुमार, राजन कुमार, नवीन कुमार, डाॅ. लाल चंद, रजनी, मनदीप काैर सहित अन्य श्रद्धालु माैजूद रहे।
श्री मद् भागवत सप्ताह के दाैरान प्रवचन करते आचार्य चैतन्य महाराज व कथा सुनतीं महिलाएं।
गाजे बाजे के साथ श्रीकृष्ण की बारात आश्रम में कथा मंच तक पहुंची
श्रीकृष्ण की बारात निकली। गाजे बाजे व जयकारों की गूंज से बारात आश्रम कथा मंच में पहुंची, जहां श्रीकृष्ण का स्वागत कथा यजमान दंपती शिवचरण अग्रवाल, उषा अग्रवाल, रमा शास्त्री, कोमल महाराज, डाॅ. रामगोपाल शर्मा, हरिंद्र शर्मा, पद्मा शर्मा, मोहनी पाली, त्रिलोकीनाथ गुप्ता, नवीन कुमार, कविता रानी, संजीव कबीर पंथी, सरोज बाला, राजीव वर्मा, सीमा वर्मा, एकता कुमारी ने फूल माला हार तिलक लगाकर स्वागत किया। पंडित रविंद्रनाथ तिवारी, पंडित प्रेमनाथ मिश्रा, पंडित रामबिहारी मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण कर श्रीकृष्ण-रुकमणि की शादी संपन्न करवाई। कन्यादान की रस्म संजीव, राजीव, सरोज, सीमा ने की। कृष्ण-रुक्मणि विवाह अवसर पर पूजा शर्मा, घनश्याम शर्मा, खुशी कुमारी, वैष्णवी वर्मा ने नृत्य कर सभी भक्तों का दिल जीत लिया। अंत में भगवान श्री द्वारकाधीश की आरती पश्चात प्रसाद वितरित किया गया।
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