पानीपत ( सुशील भार्गव ). विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की जुगत भिड़ा रहे नेताओं को भाजपा ने साफतौर से कह दिया है कि किसी को अपनों के लिए टिकट नहीं मिलेगा। यही नहीं 75 की उम्र से अधिक वाले नेताओं को भी चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं होगी। रिश्तेदार, बेटा, भाई, निगम के चेयरमैन, मेयर, जिला परिषद के चेयरमैन को भी टिकट नहीं मिलेगा। ऐसे में कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों व विधायकों को झटका लगा है, लेकिन उचाना कलां से पूर्व मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को टिकट मिलेगा।
भाजपा के शीर्ष नेताओं को इस निर्णय से रविवार देर रात तक हुई भाजपा की चुनाव समिति की बैठक में सुनाया गया। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने बताया कि यह राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की टीम का फैसला है। इससे सभी नेताओं को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का असर उचाना कलां से विधायक प्रेम लता के टिकट पर नहीं पड़ेगा। उन्हें पार्टी की ओर से टिकट दिया जाएगा। क्योंकि उनके पति एवं पूर्व मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह पहले ही रिजाइन कर चुके हैं। चुनाव समिति ने टिकटों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष को और भी अधिकार प्रदान कर दिए हैं। प्रदेश चुनाव समिति ने बराला को अधिकार सौंप दिए हैं। वे प्रदेश चुनाव समिति के निर्णय को अब राष्ट्रीय अध्यक्ष से अवगत कराएंगे और फिर केंद्रीय चुनाव समिति के समक्ष रखेंगे। बैठक में एक-एक सीट के संभावित नामों पर चर्चा की गई।
इधर, अभिमन्यु बोले- 30 तक होगी नामों की घोषणा
भाजपा ने सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए पैनल तैयार कर केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेज दिया है। 30 सितंबर को बैठक के बाद उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। यह बात वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सिसाय में पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही विदेश यात्रा से लौटेंगे, 29 या 30 सितंबर को बैठक होगी। बैठक में फाइनल मुहर लग जाएगी।
संकल्प पत्र कमेटी ने संकल्प पत्र प्रारूप को दिया अंतिम रूप, अब सीएम मनोहर
भारतीय जनता पार्टी की संकल्प पत्र कमेटी की बैठक लगातार दूसरे दिन सोमवार को गुड़गांव में आयोजित की गई। इसमें घोषणा पत्र यानी संकल्प पत्र के प्रारूप को अंतिम रूप दिया गया। इसे 25 सितंबर तक तैयार किया जाना था। इसमें करीब 200 बिंदुओं पर चर्चा हुई है। अब फाइनल प्रिंट सीएम मनोहर लाल तक पहुंचेगा। इसके बाद भी इसमें कुछ बदलाव संभव हैं। गुड़गांव से पहले संकल्प पत्र कमेटी की बैठक चंडीगढ़ में भी आयोजित की जा चुकी है। कमेटी के अध्यक्ष कृषि मंत्री ओपी धनखड़ हैं।
संडे तक पूरा होमवर्क होगा, फिर आएगी लिस्ट
भारतीय जनता पार्टी संडे तक टिकटों की प्रथम सूची के लिए होमवर्क पूरा कर लेगी। इसी अवधि में संकल्प पत्र भी जारी हो सकता है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि कई विधायकों की टिकट कटने जा रही है, विधायकों के टिकट कटने के बाद किसे चुनावी मैदान में उतारा जाए, यह मंथन चल रहा है। हालांकि भाजपा का नेतृत्व इस मंथन में जुटा है कि जो नेता बाहर से आए हैं, उनमें से किसे चुनावी मैदान में उतारा जाए और किसे नहीं।
इनके अरमानों पर फिर सकता है पानी
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अपनी बेटी आरती, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर अपने बेटे, नायब सैनी अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। इसके अलावा चार अन्य सांसद अपने परिजनों के लिए टिकट मांग रहे थे। पार्टी ने गहन मंथन कर यह निर्णय लिया है कि किसी को अपने परिजनों के लिए विधानसभा की टिकट नहीं मिलेगा। दूसरी ओर इस निर्णय से प्रभावित कुछ नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व से भी संपर्क साधा है, लेकिन यह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का ही निर्णय है। ऐसे में अब देखना ये है कि केंद्रीय नेतृत्व अपने निर्णय पर कायम रहता है या फिर किसी मंत्री को अपनों के लिए टिकट मांगने पर राजी हो जाता है।
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