चंडीगढ़ (मनोज कुमार).प्रदेश की जेलों से बदमाशों की ओर से की की जाने वाली व्हाट्सएप कॉलिंग अब बंद हो जाएगी। सुरक्षा आदि पर 200 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद बदमाश मोबाइल से व्हाट्सएप कॉलिंग करने में सफल हो रहे थे। क्योंकि प्रदेश की 14 जेलों में जो जेमर लगे हुए थे, वह केवल 3जी नेटवर्क की कॉलिंग को ही जाम कर रहे थे।
अब प्रदेश की जेलों में 4जी के 140 जैमर लगाए जाएंगे। जिस पर करीब 70 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च होगी। पिछले करीब ढाई साल से चल रहे प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है। केंद्र से अनुमोदित बेल और एसीआईएल कंपनी की ओर से जेल विभाग के पास जैमर लगाने के प्रस्ताव आ चुके हैं।
अब जल्द ही प्रस्ताव सरकार के पास जाएगा ताकि हाई पावर परचेज कमेटी में इस पर मुहर लगने के बाद जैमर लगाने का काम शुरू किया जा सके। प्रदेश की कई जेलों से बदमाश वाॅट्सएप कॉलिंग करते हैं।
कई बार फिरौती मांगी जाती है तो कोई अपने पहचान वालों से बात करता रहता है। इसका सबूत यह है कि ज्यादातर जेलों में कई बार मोबाइल, सिम और चार्जर मिलते रहे हैं। खास बात यह है कि जेलों में मोबाइल उन खतरनाक बदमाशों के पास मिलते रहे हैं जो हत्या, डकैती, लूट जैसे संगीन जुर्म में बंद हैं या सजा काट रहे हैं।
जेल डीजी के सेल्वराज ने बताया कि 4जी जैमर की अप्रुवल केंद्र सरकार से मिल चुकी है। अभी यह देखा जाएगा कि किस-किस जेल में इसकी जरूरत है। उसके अनुसार जैमर लगाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
पिछले कुछ समय में कब-कब मिले मोबाइल
- पिछले साल फरवरी-दिसंबर में गुड़गांव-फरीदाबाद में मिले माेबाइल : पिछले साल फरवरी में गुड़गांव की भौंडसी जेल में चेकिंग के दौरान 11 स्मार्ट फोन, 5 सिम और 5 चार्ज मिले थे। जबकि दिसंबर में इसी जेल में 3 मोबाइल, 2 बैटरी और 2 चार्जर जबकि फरीदाबाद में 2 मोबाइल पाए गए थे। भोंड़सी जेल में पहले भी कई बार मोबाइल मिल चुके हैं। 2017 में तो यहां एक साथ 20 मोबाइल जब्त किए गए थे। यमुनानगर जेल में भी कई मोबाइल मिल चुके हैं।
- रेड में मिले थे 7 मोबाइल, इनमें 3 कुरुक्षेत्र जेल से मिले : पिछले वर्ष अगस्त में प्रदेश की जेलों में एक साथ रेड की गई थी। जिसमें सात मोबाइल, 6 सिम, 3 चार्जर मिले थे। इनमें 3 मोबाइल कुरुक्षेत्र, 2 फरीदाबाद और गुड़गांव व झज्जर जेल से एक-एक मोबाइल मिले थे।
यह भी जानें
प्रदेश में 28 जेल हैं। इनमें साल भर में 50 हजार से ज्यादा सजायाफ्ता और हवालाती कैदी आते-जाते रहते हैं। करीब 20 हजार कैदी हर समय जेलों में बंद रहते हैं। करीब 200 करोड़ रुपए सरकार इनकी सुरक्षा, भोजन और स्वास्थ्य पर खर्च किए जा रहे हैं। हर जेल में सीसीटीवी भी निगरानी के लिए लगाए हुए हैं। वाकीटॉकी का भी सुरक्षा को लेकर इस्तेमाल होता है।
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