8 साल बाद अाया था इंडिया
माॅडल टाउन के सावन पार्क के पास रहने वाले राजमल मडाेत्रा यूके में जाॅब करते हैं। 8 साल बाद यूके से इंडिया अाए था। उन्हाेंने 31 अक्टूबर 2019 काे अाेएलएक्स पर एक्टिवा की एेड देखी। काॅल किया तो सामने वाले ने अपना नाम राकेश बताया। बोला- वह अार्मी में जवान है। अंबाला कैंट से अमृतसर तबादला हाे गया है। रुपए की जरूरत हाेने पर स्कूटी बेच रहा है। स्कूटी की अारसी पानीपत के युवक के नाम पर थी। 30 हजार में साैदा हुअा। ठग ने कहा कि वह अार्मी के ट्रांसपाेर्ट से स्कूटी की हाेम डिलीवरी करवा देगा। 1 नवंबर काे सुबह 11 बजे स्कूटी घर पहुंच जाएगी। 15 दिन बाद पानीपत अाकर स्कूटी की पेमेंट ले जाउंगा।
दूसरे ठग से बात कराई, उसने भी खुद काे अार्मी में बताया
ठग ने कहा कि अापकाे 3110 रुपए ट्रांसपाेर्ट चार्ज देना हाेगा। जाेकि 30 हजार में से कम हाे जाएगा। थाेड़ी देर बाद उसने दूसरे ठग से बात कराई। उसने खुर्द काे अार्मी ट्रांसपाेर्ट मैनेजर अाेमप्रकाश बताया, उसने भी खुद काे अार्मी से बताया। तब राजमल ने अपने दाेस्त संदीप से 3110 रुपए भेज दिए। अगले दिन तीसरे ठग ने फाेन कर कहा कि वह स्कूटी लेकर करनाल अा गया है। 24 हजार रुपए देने पर वह स्कूटी घर भेजेगा। तब पीड़ित ने राकेश से बात की ताे उसने कहा कि रुपए दे दाे, 30 हजार में से कम हाे जाएंगे। राजमल ने बताया कि शक हाेने पर उसने रुपए अाॅनलाइन भेजने से मना कर दिया। तब तीसरे ठग ने पेमेंट लेकर करनाल मेरठ चाैक पर बुलाया। कहा कि वहां सूटकेस लेकर एक व्यक्ति मिलेगा। पीड़ित ने करनाल जाकर रुपए दे दिए। पानीपत अाया ताे स्कूटी नहीं अाई। जब ठग से बात की उसने धमकाना शुरू कर दिया। डर के मारे पीड़ित ने नई स्कूटी खरीद ली।
अार्मी की अाईडी व बिल्टी तक फर्जी भेजी
पहले ठग ने अपनी अार्मी कैंटीन का स्मार्ट कार्ड भेजा। खुद काे अार्मी ट्रांसपाेर्ट का मैनेजर बताने वाले ठग ने अाधार कार्ड भेजा, जिसपर वर्दी में फाेटाे लगा था। साथ ही सीअाईएसएफ का अाईकार्ड भेजा। सबसे खास बात यह है कि ठग ने इंडियन अार्मी की एक बिल्टी भी भेजी। इस पर राकेश के अंबाला कैंट अाैर पीड़ित के घर का एड्रेस लिखा था। यह सब देखकर ही पीड़ित काे विश्वास हुअा अाैर उससे ठगी हाे गई।
एक बार ठगा गया, लेकिन दूसरी बार सर्तकता के कारण बच गया
राजमल ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले स्नैपडील से रिमाेर्ट मंगवाया था। मंगलवार काे ठगाें ने फाेन कर कहा कि प्रतियाेगिता चल रही थी, जिसमें अापकी लाॅटरी निकली है। अाप कार या उसकी कीमत ले सकते हाे। अापकाे सिर्फ प्राेसेसिंग फीस के 1500 रुपए अाैर अाधार कार्ड की काॅपी भेजनी हाेगी। राजमल ने तुरंत स्नैपडील के कस्टमर केयर से बात की। तब पता चला कि काेई लाॅटरी नहीं निकली, ठग उनके पास रुपए एेंठने के लिए फाेन कर रहे हैं।
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