भास्कर न्यूज | अम्बाला
अम्बाला में एमईएस व सेना में नौकरी के नाम पर ठगी के बाद अब रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगने का एक और केस सामने आया है। पालम विहार में रहने वाले प्रेम स्याल के खिलाफ 7 लोगों की शिकायत पर केस दर्ज हुआ है। ये सातों आपस में रिश्तेदार हैं।
स्याल खुद को पुलिस का सब इंस्पेक्टर बताता था और वर्दी में घूमता था। वो रेलवे में ऊपर तक पहुंच बताकर लोगों को फंसाता था। उसने 2017 से लेकर 2019 तक लोगों से पैसे ठगे। भर्ती की तारीख आगे बढ़ने और नियुक्ति पत्र के इंतजार की बात कहकर टालता रहा। एक बार तो लोगों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले भी कर दिया लेकिन पुलिस ने जांच करने की बजाय समझौता करवा दिया। स्याल ने शिकायतकर्ताओं को जो चेक दिए वो बाउंस हो गए। पौने 2 साल से भटक रहे पीड़ितों ने अब महेशनगर थाने में प्रेम स्याल और उसके एजेंट सुशील के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इस मामले में पुलिस ने तो जांच नहीं लेकिन पीड़ितों की अपनी पड़ताल से सामने आया कि प्रेम स्याल कभी होमगार्ड था। फ्रॉड के मामले में उसे निकाल दिया तो सब इंस्पेक्टर की वर्दी में घूमने लगा। घर के आगे भी सब इंस्पेक्टर की नेम प्लेट लगा रखी थी। उसकी बातों पर भरोसा कर अपने बेटे-बेटियों की भर्ती कराने के नाम पर पैसे फंसाने वालों में सेना के रिटायर्ड जेसीओ, वकील, फूड एंड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर तक शामिल हैं
ठगी का तरीका बिल्कुल मनु चड्ढा जैसा: रेलवे में और सेंटर में कई अफसरों व नेताओं को जान-पहचान का बता झांसा दिया
और पुलिस का रवैया भी मनु के केस जैसा: पौने 2 साल जांच करती रही, आरोपी पकड़ में आया तो समझौता करा छोड़ दिया
अम्बाला | 2 स्टार लगी पुलिस की वर्दी पहने आरोपी प्रेम स्याल।
स्याल कहता था स्टांप पर लिखकर नौकरी की गारंटी दूंगा: दिनेश
कैंट के शालीमार बाग में किराए पर रहने वाला सुशील कुमार लोन दिलाने में एजेंट का काम करता था। मैं भी काम शुरू करने के लिए लोन चाहता था तो उसके संपर्क में आया। ये अप्रैल 2018 की बात है। सुशील ने मुझे कहा कि वह प्रेम स्याल को जानता है जो रेलवे में भर्ती करवा देता है। मैं अपने ससुर (रिटायर्ड फूड सप्लाई इंस्पेक्टर) को साथ लेकर सुशील के घर स्याल को मिला। स्याल ने पौने दो लाख रुपए में रेलवे में टिकट चेकर (टीसी) की नौकरी दिलाने की बात कही। भरोसा दिलाने के लिए कहा कि वह स्टांप पेपर पर लिखित में गारंटी देगा। शर्त रखी कि 15-20 युवा होंगे तभी पूरे बैच को भर्ती करवा पाएगा। इस दौरान उसने एक-दो लोगों से मिलवाया जो कहते थे उन्हें स्याल ने भर्ती कराया है। भरोसा करके मैंने, मेरे तीन सालों तरसेम, इंद्रजीत व ललित कुमार ने, मेरे ससुर के साढ़ू हरीश चंडी मंदिर, ससुर के समधी के बेटे अनिल और ससुर के दोस्त के दामाद हरीश हैप्पी ने 30-30 हजार रुपए एडवांस दे दिए। नवंबर 2018 में कहा कि जॉनिंग लेटर मिलेंगे, इसके लिए 50-50 हजार और तुरंत देने पड़ेंगे। तब हम 7 में से 4 लोगों ने कुल 2 लाख और दे दिए। कभी भर्ती टलने तो कभी कुछ दिन में काम होने की बात कहकर 6 माह और निकाल दिए। हमें लगा ठगी का शिकार हुए हैं तो हमने सुशील को पकड़ा तो उसने मुखबिरी करके प्रेम स्याल को पकड़वाया। तब करधान पुलिस चौकी ने 16 मई 2019 को पंचायती समझौता करवा दिया। जिसमें प्रेम के भाई हरगोपाल जो फौज से रिटायर है, ने हमें चेक काटकर दे दिए कि जल्द ही पैसे देकर चेक वापस ले लेंगे। पैसे नहीं मिले और चेक भी बाउंस हो गए। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार, न्यू मिलाप नगर
कब तक फंसते रहेंगे लोग: पालम विहार में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनु चड्ढा के खिलाफ भी ठीक इसी तरीके से रेलवे में भर्ती के नाम पर लाखों ठगने का केस दर्ज है। नारायणगढ़ में 13 रिश्तेदार 22 लाख रुपए गंवा बैठे थे। उस मामले में भी पुलिस ने जांच में ढिलाई बरती। पीड़ितों ने खुद ही उसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन पुलिस कई दिन समझौते का प्रयास कराती रही। बाद में मनु चड्ढा गायब हो गई थी। कई महीने बाद लोगों की मुखबिरी से ही उसे पकड़ा जा सका। अब वो जेल में है।
बसपा नेता के परिवार ने एमईएस में भर्ती के नाम पर कई ठगे: बसपा के टिकट पर कैंट हलके से चुनाव लड़ चुके राजेश चनालिया, उसके मां-बाप और पंजाब पुलिस का कर्मी रामपाल व उसका पिता भाग सिंह भी एमईएस में भर्ती के नाम पर कई लोगों को ठगने के मामले में नामजद हैं। दो थानों में केस दर्ज है। अभी चनालिया और उसकी मां कमलेश गिरफ्तार हैं, बाकी आरोपी फरार हैं।
ठग द्वारा मोबाइल भेज गया मैसेज।
ये भी हुए ठगी का शिकार
शिव कुमार 1.80 लाख
हरजिंद्र सिंह 4.50 लाख
राहुल कुमार 1.0 लाख
रोहित यादव 1.90 लाख
राजमोहन 1.75 लाख
गुरनाम सिंह 1.25 लाख
शंटी 1.90 लाख
दिनेश कुमार 4.50 लाख
जरनैल सिंह 3.50 लाख
दीपक 1.0 लाख
गगनप्रीत कौर 30 हजार
मनप्रीत कौर 30 हजार
संजीव कुमार 80 हजार
सुगम 50 हजार
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