चंडीगढ़ (सुशील भार्गव).कोख में बेटियों का कत्ल करने वालों पर और बड़ा शिकंजा कसने की तैयारी हो गई है। जैसे-जैसे सौदागर नई तकनीक ला रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग भी अपडेट हो रहा है। नए उपकरणों को ट्रैक करने के अलावा स्टाफ को समय-समय पर ट्रेंड किया जा रहा है।
पिछले चार सालों में हरियाणा में बेटियों को कोख में कत्ल करने वालों की सूचना देने पर 184 लोगों को 1.84 करोड़ रुपए दिए है। खास बात यह है कि नारनौल जिले में 2000 से अधिक बेटियों को कोख में कत्ल होने से बचाया गया है। यहां पर लिंगानुपात में भी 172 तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अब पड़ोसी राज्यों से भी संपर्क बढ़ा दिया है और हर पल की खबर विभाग के पास पहुंच रही है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, अभियान के नोडल ऑफिसर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में कोख में बेटियों का कत्ल करने वाले स्वास्थ्य विभाग की रडार पर हैं। सीएम मनोहर लाल के निर्देश पर प्रदेश में ऐसा कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रूण लिंग जांच करने वाले अब अपहरणकर्ताओं की तरह अड्डे बदल रहे हैं। यही नहीं जिसकी भ्रूण लिंग जांच करनी होती है, उसे एक गाड़ी से दूसर और दूसरी से तीसरी व चौथी गाड़ी से कहीं ले जाया जाता है। पिछले दिनों नई दिल्ली में एक ऐसा केस पकड़ा गया है, जिसमें चार जगह गाड़ियां बदली गई।
इन पांच जिलों में बचाई सबसे अधिक बेटियां
पिछले चार सालों में पांच जिलों में11 हजार से अधिक बेटियों को विभाग की टीमों ने बचाया है। इनमें नारनौल में 2643, सोनीपत में 2378, भिवानी में 2331, गुड़गांव में2105, रेवाड़ी में 2108 बेटियों को बचाया गया है। खास बात यह है कि इन जिलों में बेटियों की संख्या भी बढ़ी है। बेटियों की संख्या में प्रदेश के पांच जिलों में सबसे अधिक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इनमें नारनौल में 172, रेवाड़ी में 121, अम्बाला और झज्जर में 90, सोनीपत में 64 और यमुनानगर में 63 की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
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