हिसार.एसटीएफ टीम ने मुकलान गांव के पास 2 गाड़ियों में सवार 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी। आरोपियों में जींद के मनोहरपुर निवासी रोहित उर्फ मोतीलाल, कश्मीरी लाल, फतेहाबाद स्थित कन्हेड़ी वासी राजबीर और जींद की ढाणी टेक सिंह वासी कृष्ण उर्फ काला शामिल हैं।
इनके खिलाफ एसटीएफ में एएसआई बलजीत सिंह के बयान पर आजाद नगर थाना में केस दर्ज हुआ है। आजाद नगर थाना एसएचओ सुखजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश करके 2 दिन का रिमांड पर हासिल किया है। आजाद नगर थाना में एक मामला 14 मार्च 2019 को दर्ज हुआ था। इसमें जींद की ढाणी टेक सिंह वासी कृष्ण उर्फ काला वांछित था।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों की एक टीम दोगुनी राशि का लालच देकर लोगों को सौदेबाजी के लिए बुलाकर लेन-देन करती है। तभी पुलिस वर्दी पहने दूसरी टीम रेड मारने का ड्रामा करके नकली गड्डियों के साथ असली करंसी लेकर फरार हो जाती है।
पुलिस को गाड़ी की तलाशी में अतिरिक्त पुलिस की वर्दी, फर्जी नंबर प्लेट और 2.20 लाख रुपयों की नकली गड्डियां भी बरामद हुई हैं। इन गड्डियों के ऊपर-नीचे 500-500 के असली नोट लगे हुए थे, जबकि अंदर सिर्फ सफेद कागज था।
बरामद हुई दोनों गाड़ियों पर लगाई हुई थी गलत नंबर प्लेट
एसटीएफ ने पहुंचकर अर्टिगा व आई-20 गाड़ी सवार 4 आरोपियों को काबू किया था। तब अर्टिगा गाड़ी में राजबीर बैठा था। पिछली सीट पर रखे थैले को खोलकर देखा तो कई गड्डियां मिलीं। सभी के ऊपर नीचे 500-500 के नोट लगे थे, लेकिन अंदर सिर्फ सफेद कागज थे। इन्हें जब्त कर लिया।
दूसरी आई-20 गाड़ी में कश्मीरी लाल, रोहित उर्फ मोती लाल और कृष्ण उर्फ काला बैठे हुए थे। इनमें से एक कृष्ण उर्फ काला ने पुलिस की वर्दी पहनी थी। उसने पूछने पर बताया कि मैं पुलिस वाला नहीं हूं। भोले-भाले लोगों को लालच देकर फंसाते हैं।
फिर हम मौके पर पुलिस वर्दी पहन रेड मारकर हल्ला मचा देते हैं। वे रुपए छोड़कर भाग जाते हैं और हम करंसी लेकर वहां से फरार हो जाते हैं। गाड़ी से अतिरिक्त पुलिस की वर्दी, फर्जी नंबर प्लेट के अलावा दोनों गाड़ियों में सवार आरोपियों से कुल 2.20 लाख की गड्डियां बरामद हुईं थी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे कई मामले
13 मार्च 2019 को राजस्थान के जालौर स्थित भवरानी पीएचसी में एमएन टू पद पर कार्यरत तन सिंह के 10 लाख रुपए ठगे गए थे। 14 मार्च को उसकी शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। मामले में पीड़ित की मौसी का लड़का हरि सिंह भी फंसा था। इसके सहयोग से तन सिंह ने स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदनी थी लेकिन हरी सिंह दोगुना राशि के लालच में फंसकर ठग गिरोह का शिकार हो गया था। उस दौरान भी आरोपियों ने नीली बत्ती लगी एर्टिगा गाड़ी का इस्तेमाल किया था, जिसमें चार सवार थे। उन्होंने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। कुछ आरोपी गिरफ्तार हुए थे।
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