रोहतक (विवेक मिश्र).पीजीआईएमएस में उत्तर भारत का सबसे बड़ा मदर एंड चाइल्ड हाॅस्पिटल शुरू होने के बाद अब हेल्थ यूनिवर्सिटी व पीजीआई प्रशासन मिलकर मदर एंड न्यूनेटल केयर यूनिट एमएनसीयू बनाने की तैयारी में जुट गया है।
हरियाणा प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पहला एमएनसीयू पीजीआई में होगा। इस यूनिट के संचालन पर 92 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे और 12 बेड के एमएनसीयू पर महिला व नवजात शिशु को रखा जाएगा। इसके अलावा वार्ड नंबर दो लेबर रूम के अंदर कैजुअल्टी एरिया में यह यूनिट स्थापित हाेगी। बाल रोग चिकित्सक बताते हैं कि मदर एंड चाइल्ड हाॅस्पिटल में न्यूनोटोलॉजी विभाग स्थापित हुआ है। जो नार्थ इंडिया का सबसे बड़ा विभाग है। इसमें आईसीयू 63 बेड और 12 कंगारू मदर केयर बेड है।
मदर एंड न्यूनेटल केयर यूनिट बनाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। ये यूनिट में 10 से 12 बेड रहेंगे और 92 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इस यूनिट में बच्चे और मां को अलग नहीं करना पड़ेगा। नवजात मां के साथ वार्मर बेड पर ही रहेगा।
गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सुविधा मिलने से पीजीआई पर बढ़ा भरोसा
पीजीआई में मदर एंड चाइल्ड केयर बिल्डिंग शुरू होने के बाद यहां पर गर्भवती महिलाओं को अधिक चिकित्सीय सुविधाएं मिलनी शुरू हुई है। लिहाजा नवंबर व दिसंबर माह के आंकड़ों पर गौर करें तो गायनी विभाग में जहां पहले एक माह में छह से सात सौ के करीब डिलीवरी होती थी।
वहीं अब ये आंकड़ा बढ़कर 1350 पर पहुंच गया है। गायनी विभाग के चिकित्सक बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं का भरोसा पीजीआई पर अधिक है। इसीलिए अब डिलीवरी के केस में भी इजाफा हुआ है।
यह सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
हेल्थ यूनिवर्सिटी में अब तक एमसीएच बनने के बाद गर्भवती की एडमिशन और डिलीवरी की संख्या आठ सौ से बढ़कर 1350 बच्चों ने जन्म लिया है। निक्कू में 20 नेबुलाइजर वेंटीलेटर के साथ अटैच हैं। दो नेबुलाइजर अलग से हैं। मल्टी पैरा मानीटर 20 नए लगे हैं। कुल 33 के करीब मानीटर लगे हैं।
वार्मर व कूलिंग मशीन है। एमसीएच के द्वितीय तल पर निक्कू वार्ड चल रहा है। पीकू वार्ड 16 में 10 बेड का है। पीडियाट्रिक्स वार्ड नंबर 14 में कई बार मरीज का लोड बढ़ जाता है। इंफ्रास्ट्रक्चर पुराना होने की वजह से वार्ड भरा सा रहता है।
एमएनसीयू बनाने की तैयारी है : ओपी कालरा
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/39KDQe9