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Wednesday, 8 January 2020

माघ मेला कल से; पहली बार यहां भिखारियों पर सख्त दिखेगी सरकार, भिक्षुक निरोधक दस्ते का गठन

प्रयागराज. गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम की नगरी प्रयागराज में माघ मेला-2020 का श्रीगणेश पौष पूर्णिमा पर 10 जनवरी से होगा। जप, तप, स्नान, ध्यान और दान के कल्पवास की भी इसी दिन से शुरुआत हो जाएगी। यह मेला महाशिवरात्रि यानि 21 फरवरी तक चलेगा। मेला प्रशासन ने प्रथम स्नान पर्व पर 32 से 40 लाख तक श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान लगाया है, जो मौनी अमावस्या के दिन करीब दो करोड़ तक पहुंचेगा। इस बार मेला क्षेत्र में भीख मांगने की इजाजत नहीं होगी। भिछुकों को हटाने के लिए भिक्षुक निरोधक दस्ते का गठन किया गया है। प्रशासन को अंदेशा है किभिखारियों के भेष में अराजकतत्व मेले में आ सकते हैं।

सरकार ने 57 करोड़ रुपए का जारी कियाबजट

योगी सरकार ने माघ मेले के लिए 57,90,61,000 रुपए का बजट जारी किया है। कुंभ की सफलता के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि, इस बार माघ मेले में ज्यादा श्रद्धालु आएंगे। इसलिए मेले का क्षेत्रफल पिछले साल की तुलना में 500 बीघा बढ़ाकर ढाई हजार क्षेत्रफल कर दिया गया है। डायल 112 डायल की 20 चार पहिया और 25 दोपहिया वाहनों को लगाया गया है। 174 सीसीटीवी कैमरों में पूरे मेले को कवर करने की कोशिश की गई है। ड्रोन कैमरे से भी मेले पर नजर रखी जाएगी। कुंभ मेले में पिछले वर्ष मात्र 12 थाने और 36 पुलिस चौकियां बनाई गई थी। जबकि इस बार 13 थाने और 29 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं।


5 किमी लम्बा होगास्नान घाट
माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की तादात को देखते हुए इस बार मेला क्षेत्र में तकरीबन 5 किलोमीटर लंबा स्नान घाट बनाया गया है। गंगा और यमुना किनारे कुल 16 स्नान घाट बनाए गए हैं। सबसे बड़ा संगम स्नान घाट है। सर्कुलेटिंग एरिया में 3 किलोमीटर के स्नान घाट की तैयारी चल रही है। यहां 1 मिनट में 13 से 15000 श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। महिलाओं के लिए 700 चेंजिंग रूम बन रहे हैं। 50 हाई मास्ट रोशनी के लिए लगाए गए हैं। रात में सभी स्नान घाट दूधिया रोशनी से जगमग दिखाई देंगे।

छह सेक्टरों में बसाया गया मेला
वर्ष 2018 के मेले में 5 सेक्टर थे, जबकि इस बार 6 सेक्टर में मेला बसाया जा रहा है। सेक्टर 1 क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा होगा। इसमें संगम परेड मैदान शामिल है। सेक्टर एक में ही सरकारी विभागों के कार्यालय कंट्रोल रूम, पुलिस लाइन, मीना बाजार व झूले लगाए गए हैं। सेक्टर एक को छोड़कर सभी सेक्टरों में कल्प वासियों को बसाया जा रहा है। सेक्टर 2 काली मार्ग से नागवासुकि तक होगा, जबकि सेक्टर 3, 4 और 5 झूसी क्षेत्र में है। सेक्टर 6 अरैल क्षेत्र में है। खाक चौक, दंडी बाड़ा और आचार्य बाड़ा भी झूसी क्षेत्र में ही हैं।

225 मेला स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालन

माघ मेले के दौरान रेलवे ने तीन प्रमुख स्नान पर्वो मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर कुल 225 मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई है। अन्य तीन पर्वों पौष पूर्णिमा, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुसार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

प्रमुख स्नान

तारीख प्रमुख स्नान श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान
10 जनवरी पौष पूर्णिमा 32 लाख
15 जनवरी मकर संक्रांति 80 लाख
24 जनवरी मौनी अमावस्या 225 लाख
30 जनवरी बसंत पंचमी 75 लाख
09 फरवरी माघी पूर्णिमा 75 लाख
21 फरवरी महाशिवरात्रि 15 लाख


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माघ मेले में एक माह के कल्पवास के लिए पहुंचे श्रद्धालु।
साधु संतों के सज रहे यहां पंडाल।
संगम के तट पर बसा तंबुओं का शहर।


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