अब प्रदेश के ग्रामीणों का जांचा जाएगा ईज ऑफ लिविंग स्टैंडर्ड, मार्च तक पूरा हाेगा सर्वे - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Monday, 20 January 2020

अब प्रदेश के ग्रामीणों का जांचा जाएगा ईज ऑफ लिविंग स्टैंडर्ड, मार्च तक पूरा हाेगा सर्वे

राेहतक (रत्न पंवार).अब ग्रामीण अंचल में बसे लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए उनका ईज ऑफ लिविंग (ईओएल) का तरीका जांचा जाएगा। इसके लिए पहली बार प्रदेश में सर्वेक्षण करवाया जाना है। इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इस सर्वेक्षण का मकसद ग्रामीण विकास की नीतियों और कार्यक्रमों को डिजाइन करने के अलावा उन्हें बेहतर तरीके से ग्रामीण जनता के बीच पहुंचाना है, ताकि इसे और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।

फिलहाल प्रदेश के हर गांव और जिले के ग्रामीण क्षेत्र की अलग जरूरतें और भौगोलिक परिस्थितियां हैं। यह सर्वेक्षण का जिम्मा भी हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत काम कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया गया है। हरियाणा में कुल 99719 वंचित व 6519 स्वत: गरीबी रेखा में शामिल परिवारों का सर्वे किया जाएगा। सामाजिक आर्थिक जनगणना (एसईसीसी)-2011 में गरीब परिवारों की पहचान की गई है, जबकि मिशन अंत्योदय सर्वेक्षण में सुविधाजनक जीवन और आजीविका को लेकर फोकस किया गया है।

ऐसे में सरकार ने तय किया है कि ग्रामीण परिवारों काे बेहतर जीवन यापन करवाने के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आधार पर नीतियां तैयार करने की जरूरत है। ऐसे में ईओएल सर्वेक्षण करवाने का फैसला लिया गया है। शुरुआती चरण में सर्वेक्षण के लिए व्यक्तिगत और परिवारों के कल्याण को प्रभावित करने वाले 16 मानकों का चयन किया गया है।

सर्वेक्षण के होंगे ये फायदे

  • इंडिया @2022 के लिए नीति और विकास तय करना।
  • नीति निर्माताओं और नागरिकों के बीच संवाद के जरिए बेहतर निर्णय लेना।
  • जरूरत अनुसार बजट आवंटन में वृद्धि के लिए साक्ष्य जुटाना।
  • विकास के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ तालमेल बढ़ाना।
  • सतत विकास लक्ष्यों के जरिए आने वाले परिणामों की मॉनिटरिंग करना।
  • एसईसीसी 2011 आंकड़ों के जरिए पारिवारिक गरीबी और भौगोलिक गरीबी का निर्धारण।
  • फ्लैगशिप योजनाओं काे लागू करने के बाद इसके जरिए जांच करना।

ईओएल सर्वे और प्रक्रिया विधि
एसईसीसी-2011 में स्वत: शामिल और वंचित परिवारों के हालाताें के बारे में सर्वेक्षण किया जाएगा। यह सर्वेक्षण मोबाइल एप्लिकेशन से करवाया जाना है, ताकि सर्वेक्षण की प्रगति की निगरानी विशेष रूप से बनाए गए वेब पोर्टल के जरिए की जाएगी।

  • स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सर्वे का काम दक्षता और निश्चित समय सीमा पर किया गया। इससे प्रदेश को देश में दूसरा स्थान मिला। एक बार दोबारा ईज आॅफ लिविंग संबंधी सर्वेक्षण का काम स्वयं सहायता समूह को दिया है। रमेश कृष्ण, सीईओ, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन।
  • पूरे प्रदेश में सीआरपी टीम के प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। ये महिलाएं सर्वे करने को तैयार हैं। हरियाणा में कुल 99719 वंचित व 6519 स्वत: गरीबी में शामिल परिवारों का सर्वे किया जाएगा।
  • डॉ. विनोद, डीपीएम, ग्रामीण आजीविका मिशन।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ईज ऑफ लिविंग सर्वेक्षण के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ट्रेनिंग देते ट्रेनर।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3axCvbg

ADD











Pages