भास्कर से बातचीत में उसकी बहन नेहा सिंह ने बताया कि धनंजय ने लोगों को पहचाना, लेकिन वह अपनी बीती जिंदगी के बारे में ज्यादा नहीं बता पाया। कुछ देर तक मोबाइल में परिवार की पुरानी फाेटाे देखता रहा। े मां से चाय भी मांगी। सभी घरवालाें से थाेड़ी-थाेड़ी बात की। घर की रोटी खाई। इसके थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत खराब होनी शुरू हो गई। उसका चेकअप कराया तो डॉक्टर ने उसे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। उसकी एक टांग बुरी तरह खराब हो चुकी है। अभी वह डाॅक्टराें की निगरानी में अस्पताल में है।
बता दें कि गुरुवार को जटाधारी युवक के पैर से खून बह रहा था तो उसे गीता गोपाल संस्था के सदस्य साहिल ने पट्टी करने के लिए बुलाया था। साहिल ने उसके बारे पूछा तो उसने एक नंबर दिया। जो उसके चचेरे भाई का निकला। सूचना पाकर धनंजय की बहन नेहा सिंह कैंट आई और उसे लेकर चली गई।
मानसिक स्थिति िबगड़ने पर दो साल से अम्बाला में रहकर भीख मांग रहा था कराेड़पति युवक
भास्कर फालोअप
11 जनवरी को छपी खबर।
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