इस अवसर पर धरना स्थल पर बैठे किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। 12 दिसंबर को मिल के पिराई सत्र का शुभारंभ किया गया था, परंतु आज तक मिल सुचारु रूप से नहीं चल पाई है। पिछले एक जनवरी से मिल को चलाया गया है। अभी तक केवल एक लाख 65 हजार क्विंटल गन्ने की ही पिराई हुई है। पिराई क्षमता काफी कम है। रोजाना केवल 10 हजार क्विंटल गन्ना ही पिराई किया जा रहा है।
किसानों ने छह जनवरी को सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल के पलवल आगमन पर उनका घेराव कर अपनी मांगे रखी थीं, परंतु उनके द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल पाया है। किसानों ने सरकार व जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिले के सभी किसाना मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसके लिए प्रशासन व सरकार जिम्मेदार होगी। फिलहाल भूख हड़ताल भी जारी है।
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