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Wednesday, 26 February 2020

घर के आंगन से 3 माह के बच्चे को ले गया कुत्ता, मां ने लड़कर जबड़े से छुड़ाया, अस्पताल में मौत


बहादुरगढ़ अाैर अासपास के इलाके में कुत्ताें का अातंक बढ़ गया है। बुधवार काे दाेपहर 3 बजे टिकरी बाॅर्डर के पास एक घर के बरामदे में 3 माह के मासूम बच्चे पुंज को अावारा कुत्ता उठाकर भाग गया। बच्चे के रोने की अावाज सुनकर घर में काम कर रही उसकी मां का ध्यान उस अाेर गया ताे उसकी रूह तक कांप उठी। वह भागकर कुत्ते से भिड़ गई व कुत्ते के जबड़ों में हाथ डालकर बच्चे काे छुड़वाया। शोर मचने पर डीटीसी का सुरक्षा कर्मी मुकेश मां अाैर घायल बच्चे काे बाइक पर निजी अस्पताल ले गया। जहां से उसे बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल रेफर किया गया। वहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

फैक्टरी में मजदूरी करने वाले विनित ने बताया कि चार बेटियों के बाद 3 माह पहले बहादुरगढ़ अस्पताल में ही पुंज का जन्म हुआ था। पुंज की मां सिविल अस्पताल के बाहर अपने बच्चे के ठीक होने का इंतजार करती रही, लेकिन उसकी मौत की खबर देर शाम को उसे दी गई। उसके बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। इस मामले में पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया गया व बच्चे का देर शाम को अंतिम संस्कार कर
दिया गया।

इस दिल दहला देने वाली घटना से बहादुरगढ़ में भी कुत्तों से निपटने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां अभी तक कुत्तों की नसबंदी का टेंडर नहीं
लगाया गया।

बच्चे को दूध िपलाकर चारपाई पर सुलाया था तभी कुत्ता घर में घुसा

हाथ में कंबल लेकर अस्पताल से बेटे के बाहर आने का इंतजार करती रही, मौत की खबर आई

बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में ली थी पहली सांस, आखिरी भी वहीं निकली: पुंज के पिता विनित ने बताया कि वह एमअाईई से अागे एक टाइल की फैक्ट्री में काम करता है। सात साल पहले मुज्जफरनगर से बहादुरगढ़ में काम की तलाश में अाया था। इस घटना की खबर लगते ही वह अस्पताल पहुंचा व बेटे की मौत की खबर उसकी मां व चारों लड़कियों में से किसी को भी नहीं बताई। वह पुंज के ठीक होने की बात ही करता रहा। शाम को जब बच्चे के शव को अस्पताल से घर लेकर गया तो घटना की जानकारी दी। विनित ने बताया कि उसकी चार बेटियां हैं। सबसे बड़ी 9 साल की कशीश, अनन्या, अवशी व अवनी के बाद अब पांचवें नंबर पर पुंज हुआ था। विनित ने कहा कि एेसा लग रहा है कि कुत्ता पागल हो चुका था। यह कुत्ता गली में घूमता रहता था। पर वह अचानक बच्चे को मुंह में दबाकर भागने का प्रयास करेगा उसकी कल्पना करते ही दिल बैठता जा रहा है। पुंज 19 नवंबर बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में ही हुअा था।

बहादुरगढ़ में अब कुत्तों की नसबंदी के लिए होगा टेंडर, बंदरों से भी परेशानी: बहादुरगढ़ में कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन सोया हुआ है। सिविल अस्पताल में भी प्रतिदिन 8 से 10 डॉग बाइट के केस आते हैं। अब कुत्तों की संख्या पर लगाम कसने की जरूरत है। कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर परिषद बोर्ड की बैठक में एजेंडा पहले से ही पास हो चुका है। नप के सीएसअाई बलबीर सिंह ने बताया िक अब नप की ओर से टेंडर लगाकर कुत्तों का नसबंदी की जानी है। नप के सचिव ने तकनीकी शाखा को कुत्तों के बधियाकरण करने के लिए टेंडर लगाने के आदेश दिए हैं। वहीं, बंदरों से भी निपटने के इंतजाम जल्द किए जाने चाहिए।

अपने लल्ला को संकट में देख कुत्ते के जबड़े में हाथ फंसाकर भिड़ती रही मां: सिविल अस्पताल के बाहर पूंज को पट्टी करवाने के बाद बाहर लाने का इंतजार कर रही पुंज की मां अंशु ने बताया कि लल्ला को दूध पिलाकर चारपाई पर सुलाया ही था। वह घर का काम निपटा रही थी तभी गली में घूम रहा कुत्ता अचानक पूरी तेजी से चारपाई के पास पहुंचा व लल्ला के सिर को मुंह में दबाकर भागने लगा। जैसे ही उसने लल्ला के रोने की हल्की सी अावाज सुनी तो उसके भागकर कुत्ते को पकड़ लिया व बेटे को उसके जबड़े से छुड़ाने के लिए कुत्ते के जबड़े में अपना हाथ फंसा दिया। वह शोर मचाते हुए बच्चे को बचाने का प्रयास करती रही। कुत्ते को भागने से रोकने के लिए उसे टांगों से जकड़ लिया। कुछ देर के संघर्ष के बाद कुत्ते ने उसे काटने के लिए पुंज को छोड़ दिया। इतनी देर में आसपास के लोग भी पहुंच गए व कुत्ते को मारकर भगा दिया।

पिता विनित।

मां बेटे के अस्पताल से बाहर अाने का इंतजार करती हुईं।



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Bahadurgarh News - haryana news dog carrying 3 month old baby from home courtyard mother rescued from jaw after fighting dies in hospital
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