9 बार सफलता नहीं मिली, फिर भी सासू मां कहती रहीं-तुम कर सकती हो : गौरी - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, 5 February 2020

9 बार सफलता नहीं मिली, फिर भी सासू मां कहती रहीं-तुम कर सकती हो : गौरी


3 साल का तेजस बोला-मम्मी करेंगी अॉर्डर-अॉर्डर

बाताें-बाताें में दादी मधु ने पोते तेजस से पूछा कि मम्मी क्या बनेंगी? तेजस ने कहा जज। अाॅर्डर-ऑर्डर करेंगी।

जो मैंने किया उसे हेल्प ताे नहीं कहूंगी। मैंने सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभाई है। मुझे कभी नहीं लगा कि गौरी नहीं कर पाएगी। जब इसने लास्ट टाइम कहा कि अब पेपर नहीं देना तो मैं परेशान जरूर हुई। लेकिन मैंने गौरी को कुछ नहीं कहा। मैं चाहती थी गौरी जज बने। गौरी और अंकिता (छोटी पुत्रवधू) मेरी बेटियां ही हैं।
मधु सेठी, सास


Á सफलता का मूल मंत्र: प्रीलिम्स एग्जाम के लिए रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। मेन्स के लिए 10 से 12 घंटे पढ़ी। अकेले बैठकर पढ़ना पसंद है।

Á प्रेरणा स्रोत: पापा गुलशन नारंग ने हमेशा सपोर्ट किया कि मुझे कुछ बनना है।

Á स्ट्रेस फ्री कैसे रहीं: हॉबीज को पूरा किया। शॉपिंग, कुकिंग करना पसंद है और बच्चे के साथ खेलना।

Á ड्यूटी में प्राथमिकता: ज्यूडिशियल सिस्टम में आईं तो मेरी प्राथमिकता पेंडिंग केस खत्म करने की रहेगी। कोशिश होगी सुनवाई में देरी न हो।

अम्बाला | घर में काम करने वालीं मेड ने भी मुंह मीठा कराया। गौरी बोलीं- इनका भी खास सहयोग रहा।

अम्बाला| रोहतक की बिजनेस फैमिली से हूं। पूरी फैमिली में कोई वकील या सरकारी जॉब में नहीं। चंडीगढ़ के जीजीडी एसडी कॉलेज से बीएससी बायोटैक करने के बाद एमएससी के लिए आवेदन किया था। ज्यूडिशियल सिस्टम ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है। इसलिए बीएससी पास होने के बावजूद 2009 में पंजाब यूनिवर्सिटी में एलएलबी में दाखिला लिया। फिर ज्यूडिशियल परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग लेने दिल्ली चली गई। 2016 में मेरी अम्बाला में शादी हो गई। अगले ही साल बेटा (तेजस) हमारी जिंदगी में आ गया। 2012 से लेकर 2019 तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 9 बार ज्यूडिशियल परीक्षा दी। इनमें से 3 बार तो शादी के बाद अटेंप्ट की लेकिन सफलता नहीं मिली। सच कहूं मन से बिखर गई थी। ज्यूडिशियल परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ में मैंने एलएलएम कंपलीट की और यूजीसी की नेट परीक्षा पास कर ली। अब तो सोचकर बैठी थी कि इस बार परीक्षा पास न हुई तो लेक्चरशिप करुंगी। लेकिन मदर इन लॉ मधु सेठी को मुझ पर पूरा भरोसा था। मुझे हमेशा दिलासा दिया कि उम्मीद नहीं खोते। रिश्तेदारों के सामने भी मेरी तारीफ करतीं थी। मेरे 3 साल के बेटे को संभालना होता या कोई भी काम होता वो हमेशा सपोर्ट करतीं। कहतीं-तुम सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दो। मैंने दिल्ली ज्यूडिशियल का एग्जाम दिया, तब मैं कॉन्फिडेंट थी कि अब तो हो जाएगा लेकिन नहीं हुआ। इस बार हरियाणा ज्यूडिशियल का रिजल्ट आया तो लगा कि सबसे प्रतीक्षित सपना पूरा हाे गया। 19 फरवरी को दिल्ली ज्यूडिशियल भी इंटरव्यू है। रिजल्ट पॉजीटिव रहा तो भी पहली पसंद हरियाणा रहेगा। -जैसा गौरी नारंग सेठी ने रीतिका एस. वोहरा को बताया

(गौरी नारंग मॉडल टाउन में बिजेंद्र सेठी परिवार की बड़ी बहू हैं। पति श्वक सेठी मधु महल के संचालक हैं।)



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Ambala News - haryana news 9 times did not succeed yet mother in law kept saying you can gauri
Ambala News - haryana news 9 times did not succeed yet mother in law kept saying you can gauri


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/31sDpRW

ADD











Pages