शेयर बाजार में पैसा डूबा तो कर्जा उतारने को असि. साइंटिस्ट ने किया फर्जी एग्रीमेंट - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, 11 February 2020

शेयर बाजार में पैसा डूबा तो कर्जा उतारने को असि. साइंटिस्ट ने किया फर्जी एग्रीमेंट

हिसार.हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) के असिस्टेंट साइंटिस्ट अंकुर शर्मा ने शेयर बाजार में पैसा लगाया था, लेकिन वहां काफी नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में पैसा डूबा, जिसके कारण कर्जा भी चढ़ गया। यह उतारने के लिए उसने हरसेक के गोपनीय दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए निजी फर्मों के साथ फर्जी एग्रीमेंट करके फायदा उठाना चाहा, ताकि कमीशन लेकर नुकसान की भरपाई कर सके।

ऐसा होने से पहले ही विभागीय अधिकारियों तक फर्जीवाड़े की बात पहुंच गई थी, जिसके बाद जांच होने पर उसके खिलाफ हरसेक ने केस दर्ज करवाया था। एचएयू चौकी के जांच अधिकारी बलवंत ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में उक्त खुलासा किया है। उसने फर्जीवाड़ा करके फर्मों से कमाई करनी चाही थी, लेकिन उसमें सफल नहीं हो पाया था। अब रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है। कुछ ऑफिस में ताे कुछ फर्जी दस्तावेजाें काे बाहर तैयार किया था। इससे लैपटाॅप और माेहर बरामद भी हुई है।


बता दें कि आरोपी असिस्टेंट साइंटिस्ट अंकुर शर्मा ने हरसेक के डायरेक्टर डाॅ. वीएस आर्या के फर्जी हस्ताक्षर करके धोखाधड़ी से कई फर्मों से विभिन्न कामों के लिए एग्रीमेंट कर दिया था। हरसेक के डायरेक्टर ने संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक अधिकारी को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एचएयू पुलिस चौकी में असिस्टेंट साइंटिस्ट के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था।

आरोप लगाया था कि हरसेक में जियो इनफोर्मेटिक्स असिस्टेंट साइंटिस्ट अंकुर शर्मा ने गोपनीय दस्तावेज जुटाए थे, जिनका दुरुपयोग किया था। डायरेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करके हिसार सहित अन्य जिलों की कई फर्मों से विभिन्न कार्यों के लिए एग्रीमेंट किया था। इस मामले का खुलासा तब हुआ था, जब एक फर्म के अधिकारी ने एग्रीमेंट के दस्तावेजों का हरसेक से सत्यापन करवाया था। फर्म की तरफ से हरसेक को बकायदा ई-मेल भेजी गई थी। तब जांच हुई थी। उसमें असिस्टेंट वैज्ञानिक अंकुर शर्मा की संलिप्तता सामने आई थी।

सभी एग्रीमेंट पर हरसेक डायरेक्टर के हस्ताक्षर
पुलिस की मानें तो एग्रीमेंट में जिला अनुसार सरकारी भूमि के सर्वे का काम एक निजी फर्म को दिया गया था। फर्मों को दिए सभी वर्क ऑर्डर में हरसेक के डायरेक्टर के हस्ताक्षर थे, जबकि हरसेक के डायरेक्टर ने इस मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि डायरेक्टर स्तर पर किसी कंपनी से कोई एग्रीमेंट नहीं किया है।

न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। इतना ही नहीं जयपुर स्थित एक फर्म से किए एग्रीमेंट में सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर जिलों में सर्वे बारे वर्कऑर्डर का जिक्र किया था। वहीं सोनीपत की एक फर्म से भी हरसेक डायरेक्टर को मैसेज के जरिए एक एग्रीमेंट का पता चला था, जोकि 6 अगस्त को किया था।

एग्रीमेंट पर मिसमैच थे डायरेक्टर के हस्ताक्षर
फर्जी एग्रीमेंट संबंधित हरसेक से दस्तावेज मांगे थे। इन्हें डायरेक्टर से सत्यापित करने के लिए कहा था। रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित एक निजी कंपनी से एग्रीमेंट के डॉक्यूमेंट व हरसेक का एक लैटरहेड उपलब्ध कराया था। इसमें असिस्टेंट साइंटिस्ट अंकुर शर्मा के हस्ताक्षर थे। इसपर डिस्पैच नंबर गलत था, जिसे डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज नहीं किया था।

ईमेल में एग्रीमेंट पेपर का जिक्र किया था। इसे नॉन ज्यूडिशियल 101 रुपए के स्टांप पेपर पर दर्शाया था। 3 पेज के एग्रीमेंट के प्रत्येक पेज पर अंकुर शर्मा और हरसेक डायरेक्टर के हस्ताक्षर थे। डायरेक्टर के हस्ताक्षर मिस मैच थे। जयपुर की निजी फर्म ने भी हरसेक को ईमेल से सरकारी जमीन के सर्वे बारे एग्रीमेंट करने का जिक्र किया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/39qi5iU

ADD











Pages