राजकीय महाविद्यालय भूना के निर्माणाधीन भवन में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगा है। पार्षदों ने इसे लेकर ठेकेदार और अधिकारियों से सवाल जवाब करते हुए हंगामा किया। मामले की शिकायत स्टेट विजिलेंस को की है। पार्षदों के आरोपों को देखते हुए अधिकारी व ठेकेदार मौके से खिसक गए।
नगरपालिका के वाइस चेयरमैन अनिल नडड्ा, पार्षद प्रवीन जैन, पार्षद नरेंद्र बागड़ी व पार्षद प्रतिनिधि ईश्वर गर्ग ने बताया कि कॉलेज इमारत में घटिया क्वालिटी की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व ठेकेदार मिलीभगत करके गड़बड़ी कर रहे हैं। पार्षदों के विरोध के बाद कॉलेज प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और मौके पर लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अधिकारी ने पहुंचकर ठेकेदार के कार्य की जांच के आदेश दिए हैं।
नगर पालिका के पार्षदों ने फर्श में लगे ग्रेनाइट पत्थर और चौखट पर जताया एतराज
राजकीय महाविद्यालय में 13 करोड़ की लागत से इमारत का निर्माण कई महीनों से चल रहा है। नगर पालिका के पार्षद रविवार को इस भवन का निर्माण कार्य देखने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कॉलेज भवन के फर्श पर लगाया गया ग्रेनाइट पत्थर का लेवल ऊंचा- नीचा था। उसकी क्वालिटी घटिया स्तर की है। टाइलें कंपनी की लगाई जानी थी, लेकिन हलके स्तर की प्रयोग की जा ही थी। इसी तरह से अन्य सामान भी उच्च क्वालिटी का नहीं था। उन्होंने बताया कि उद्घाटन होने से पहले ही चौखट कबाड़ बन चुकी हैं। बिजली फिटिंग का जो सामान लगाया गया है, वह 20 साल पुराने मॉडल का है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के साथ पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारी व कॉलेज के प्रिंसिपल व वाइस प्रिंसिपल भी सम्मिलित हैं। पार्षदों ने कहा कि इसकी जांच हाेनी चाहिए।
निर्माण में हमारा काम नहीं: प्रिंसिपल
राजकीय महाविद्यालय भूना के प्रिंसिपल डॉॅ. रणधीर सिंह व वाइस प्रिंसिपल डॉक्टर सुरेंद्र ज्याणी ने बताया कि कॉलेज की नई इमारत निर्माण में हमारी कोई भूमिका नहीं है, इसकी पूरी बागडोर एक एजेंसी के हाथों में है। हमें जब इमारत हैंड ओवर की जाएगी तब खामियों को देखा जाएगा। सांठगांठ के आरोप गलत लगाए जा रहे हैं। पार्षदों को तथ्यों पर आधारित बात करनी चाहिए।
मामले की जांच की जाएगी : लोक निर्माण विभाग एसडीओ रविंद्र कुमार सोढी ने बताया कि कॉलेज इमारत में घटिया निर्माण से संबंधित पार्षदों ने आरोप लगाए हैं उनकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ठेकेदार को अच्छा कार्य करने के लिए निर्देश दिए हुए हैं और जेई निगरानी रखे हुए हैं। फिर भी ठेकेदार के कार्य की जांच की जाएगी। ठेकेदार की 3 साल तक कॉलेज इमारत से संबंधित जवाबदेही है और उसकी कुल राशि में से 6 प्रतिशत विभाग के पास सिक्योरिटी के तौर पर जमा रहेगी। उन्होंने बताया कि सांठगांठ के आरोप गलत लगाए जा रहे हैं, जो खामियां हैं उन्हें सुधारा जाएगा।
कॉलेज भवन के फर्श में लगाया घटिया ग्रेनाइट पत्थर दिखाते पार्षद।
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