जागरूकता शिविरों में दी कानूनी व आर्थिक सहायता की जानकारी
भिवानी | जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी शिखा के मार्गदर्शन में स्थानीय लोहारू रोड़ स्थित आदर्श पैरा मेडिकल इंस्टिट्यूट में दिव्यांग बच्चों के लिए कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को सरकार द्वारा दी जा रही कानूनी व आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता नीरज आर्य ने बताया कि सरकार द्वारा मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों को तीन लाख रुपए तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों को बस व रेलवे में नि:शुल्क यात्रा का प्रावधान है, जिसमें उनको किसी प्रकार से किराया नहीं देना होता है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की अपील की।
भिवानी | महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति पूर्णतया सजग रहना चाहिए। उन्हें अपने अंदर किसी भी प्रकार की हीन भावना को कभी भी पनपने नहीं देना चाहिए। बिना किसी डर के स्वयं को आत्मनिर्भर बनाकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यह बात मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण शिखा ने चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की महिला सेल के सौजन्य से आयोजित महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का एक युवा देश है जिसकी अधिकतर आबादी युवाओं की है। युवाओं को महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिए। कार्य के आधार पर महिलाओं से भेदभाव करना और उन्हें कमजोर दिखाने का प्रयास करना कदापि उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वयं की पहचान बनानी चाहिए। महिलाएं स्वयं को कभी भी कमजोर न समझें, पहले स्वयं का सम्मान करें। अपनी योग्यता एवं क्षमताओं को पहचानें तो दूसरों को भी इसे पहचानने में समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण महिलाओं एवं बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सुरक्षा प्रदान करती है और उन्हें निशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराती है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कुलपति प्रो.आरके मित्तल के नेतृत्व में अपने गठन के मात्र 5 वर्षों में शिक्षा एवं खेलों में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, खेल एवं अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है जिसके चलते विद्यार्थियों के लिए 11 हॉबी क्लबों का गठन कर नियमित तौर पर हॉबी कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया। डॉ.सोनम और डॉ.पूनम ने बतौर विशिष्ट अतिथि विद्यार्थियों को महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विस्तृत विचार रखे। मंच संचालन डॉ.स्नेहलता शर्मा ने किया।
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