राजधानी हरियाणा | अस्पतालों में प्राइवेट एजेंसियों के जरिए नियुक्त सिक्योरिटी गार्ड लामबंद हो गए हैं। होम गार्डों को अस्पतालों में लगाए जाने के बाद उन्हें बाहर किए जाने का डर है। ऐसे में ये सिक्योरिटी गार्ड एक मार्च को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अंबाला स्थित आवास पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे नियमित सेवाओं में रखने और कम से कम 24 हजार वेतन करने की मांग को लेकर उन्हें ज्ञापन भी सौंपेंगे। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी और सीटू की प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा व महासचिव जय भगवान ने एक बयान में कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के ढांचे में करीब 20 हजार के करीब ठेका कर्मचारी है, जो आउटसोर्सिंग पालिसी-1 के तहत काम कर रहे है। इनमें मेडिकल कॉलेजों, सिविल अस्पतालों, सीएचससी व पीएचसी पर 3170 सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहें हैं।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का बयान आया था कि एक अप्रैल से इनकी सेवाएं समाप्त की जाएंगी। जोकि गलत है। बता दें कि सरकार अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में अब 3200 से ज्यादा सिक्योरिटी के लिए एक अप्रैल से होम गार्डों की नियुक्ति कर रही है।
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