तर्कशील सोसाइटी हरियाणा अम्बाला के प्रधान जंडली निवासी 91 वर्षीय सतीश बहादुर का सोमवार को निधन हो गया। उनकी इच्छा के मुताबिक तर्कशील सोसाइटी हरियाणा ने पीजीआई सेक्टर 32 में उनका शरीर चिकित्सा उपयोग के लिए डोनेट किया। उनकी अंतिम यात्रा के जरिए सोसाइटी की ओर से समाज को बॉडी डोनेट करने के प्रति जागृत किया गया।
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। इसीलिए उन्हें इलाज के लिए रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें सोमवार को क्रॉनिक अटैक आया था। पीजीआई चंडीगढ़ में उनको एंबुलेंस के जरिए सोसाइटी के साथ-साथ पदाधिकारियों के साथ-साथ उनके बेटे प्रभात और पौत्र लेकर पहुंचे। सतीश बहादुर पूर्व रेल मैकेनिक भी रह चुके हैं। उनकी प|ी की भी इच्छा के मुताबिक साल 2014 में आंखें डोनेट की गई थी। बहादुर उत्तर प्रदेश के गांव बिठुर के रहने वाले थे और 1990 से तर्कशील सोसाइटी हरियाणा अम्बाला इकाई के प्रधान बन गए थे।
रेलवे वर्करज यूनियन में राष्ट्रीय स्तर के महासचिव रहे। मुगलसराय में जॉर्ज फर्नाडीज के साथ 1974 की रेलवे की देशव्यापी हड़ताल में भाग लिया। मुगल सराय में उनकी लोकप्रियता चरम पर थी तो कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा लेकिन कर्मचारियों के हित में काम करने के लक्ष्य पर वे दृढ़ थे। 1974 की रेलवे हड़ताल के चलते उनकी नौकरी भी खतरे में आ गई थी लेकिन रेलवे में बहाली के चलते उन्हें मुगल सराय छोड़ना पड़ा। रेलवे की कालका वर्कशॉप में 1976 में मैकनिक पद पर रहे और 1978 में अम्बाला में ट्रांसफर हो गए थे। सोसाइटी महासचिव गुरमीत सिंह ने बताया कि सतीश बहादुर रूस व नाइजीरिया का दौरा भी किया था। तर्कशील आंदोलन के साथ मानव अधिकारों को लेकर भी लड़े। सोसाइटी की ओर से अभी तक छह लोगों ने बॉडी डोनेट की है, जिनमें आरएमएस बैंक के पूर्व चेयरमैन बीएम सरहदी, स्वतंत्रता सेनानी देवव्रत, भूडंगपुर से कली राम शामिल हैं।
सतीश बहादुर।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2vOVYnR