विदेशी दिखने वाले बदमाशों ने अब शहजादपुर व कक्कड़ माजरा के बीच वारदात की है। बोलेरो मैक्सी-ट्रक चालक अजय भारद्वाज का कहना है कि उससे 28 हजार रुपए ठग ले गए। बदमाशों ने भारतीय करंसी का सबसे बड़ा दो हजार का नोट देखने के बहाने ठगी की। पहले साहा, मुलाना और अम्बाला सिटी में एक कपड़े की दुकान पर कुछ अंदाज में ठगी की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि शहजादपुर पुलिस का कहना है कि अभी भारद्वाज की कहानी की भी जांच की जा रही है।
इन्हीं बदमाशों ने कड़ासन में स्वीट्स शॉप संचालक को ठगा था
आरोपियों का पता लगाने के लिए भारद्वाज ने यमुनानगर तक कई जगह संपर्क किया। इसी दौरान कड़ासन में जगदंबा स्वीट्स शॉप संचालक ने अजय को बताया कि उनके साथ भी भैया दूज पर ऐसे ही 32 हजार की ठगी हुई थी। शॉप संचालक ने बताया कि उनके पास सफेद रंग की गाड़ी में कुछ लोग आए थे और भारतीय करंसी दिखाने की बात कहकर नोट हाथ में लेकर हेराफेरी कर ली थी। भारद्वाज का कहना है कि स्वीट्स शॉप संचालक के सीसीटीवी कैमरे में जो चेहरा कैद है, उसी ने मेरे साथ भी ठगी की है।
सिटी में जौली क्रिएशन और मुलाना में बैंक में भी ऐसी ही ठगी हुई
सिटी के बलदेव नगर में कपड़ों की दुकान जौली क्रिएशन में 22 दिसंबर 2019 को ठगों ने इसी प्रकार दुकान मालिक के गल्ले से उसकी आंखों के सामने से पर्स की ट्रिक से 70 हजार रुपए उड़ा लिए थे। साथ ही मुलाना स्थित एक प्राइवेट बैंक में भी 11 दिसंबर को विदेशी ठगों ने करीब 1.14 लाख रुपए की ठगी की है। इन विदेशी ठगाें ने भी करंसी दिखाने का झांसा देकर बैंक के कैशियर के पास से एक लाख 14 हजार रुपए ठग कर ले गए।
ठग ने मुझे डाॅलर दिखाए और अरबी भाषा में कुछ कहा : अजय
मैं यमुनानगर की न्यू मधु कॉलोनी का हूं। मैक्सी ट्रक में माल सप्लाई का काम काम करता हूं। बुधवार को यमुनानगर से प्लाई लोड करके चंडीगढ़ के सेक्टर 45बी गया था। वहां से माल की पेमेंट लेकर यमुनानगर लौट रहे थे। साथ में दोस्त दीपक भी था। शाम को करीब 4 बजे शहजादपुर बस अड्डे व हाईवे पुल के पास लघु शंका के लिए गाड़ी रोकी। इसी बीच एक सफेद रंग की होंडा गाड़ी हमारे पास रुकी। उसमें कुल चार लोग सवार थे, जिनमें एक महिला थी। कंडक्टर की तरफ बैठा व्यक्ति ने मुझे डाॅलर दिखाए और शायद अरबी भाषा में कुछ कहा। उसकी बातों से मुझे सिर्फ मनी एक्सचेंज शब्द ही समझ आया। मैंने उन्हें कहा कि मनी एक्सचेंज यमुनानगर या पंचकूला में हो सकती है। फिर उन्होंने इशारे से मुझे भारतीय करंसी के सबसे बड़े नोट के बारे में पूछा। मैंने जेब में रखी माल की पेमेंट निकाली। जिसमें 98 हजार रुपए कीमत के 2-2 हजार के नोट थे। उन्होंने सारे नोट मेरे हाथ से ले लिए। फिर कार में बैठे सभी साथियों को यह नोट दिखाए। फिर नोटों में रबड़ डाल कर वापस कर दिया। मैं अपनी गाड़ी में बैठकर नोट गिनने लगा तो उसमें से 14 नोट कम थे। जब तक मैंने शोर मचाया उन्होंने यमुनानगर की तरफ कार दौड़ ली। जल्दबाजी में यही देख पाया कि कार पर दिल्ली की नंबर प्लेट लगी थी। कार के पीछे सिल्वर ग्रिल लगी हुई थी। जिस व्यक्ति ने नोट लिए थे, उसकी उम्र करीब 45 साल रही होगी और गोल्डन चैन वाली घड़ी और हरे रंग की जींस पहनी थी।
-जैसा अजय भारद्वाज ने एफआईआर में लिखवाया
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