मेरठ. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर 20 दिसंबर को मेरठ में हुई हिंसा के मामले में शासन की सख्ती के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। हिंसा-तोड़फोड़ में नष्ट हुई सरकारी संपत्ति की कीमत के तौर पर 28.27 लाख की वसूली 51 आरोपियों की संपत्ति नीलाम कर की जाएगी। हिंसा में 18 मामले दर्ज हुए थे। 58 आरोपी जेल गए थे।
आरोपियों से सरकारी संपत्ति की क्षति की वसूली की प्रक्रिया ढीली चल रही थी। ढाई माह बाद भी कोई कार्रवाई न होती देख शासन ने नाराजगी जताते हुए मेरठ प्रशासन को शासन की तरफ से कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि 51 लोगों से 28.27 लाख रुपये की वसूली होगी। इन सभी आरोपियों को एडीएम सिटी ने नोटिस जारी कर एक सप्ताह का समय दिया है।
उपद्रवियों ने हिंसा के दौरान काफी नुकसान पहुंचाया
डीएम ने कहा कि हिंसा में आरोपियों ने सरकारी और निजी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचाया था। पुलिस चौकी भी फूंक दी गई थी। डीएम ने बताया कि सभी विभागों के साथ बैठक के बाद हिंसा में हुई क्षति का आकलन कराया गया था। जिसके बाद सभी आरोपियों को वसूली के नोटिस रिसीव कराए गए। इनमें 32 लोगों से 6.18 लाख रुपये, 12 लोगों से 10.35 लाख रुपये, 7 लोगों से 11.74 लाख रुपये की वसूली की जाएगी।
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