सोमवार सुबह से ही शहर के अलग-अलग चौक-चौराहों पर महिलाओं ने होली पूजन किया। सोमवार को साज-श्रृंगार के साथ हाथों में पूजा की थालियां लिए महिलाएं पहुंची। महिलाओं ने सुबह से ही उपवास रखा हुआ था और अपने परिवार की खुशहाली के लिए पूजा अर्चना कर अपना व्रत पूरा किया। वहीं बच्चे भी इस दौरान नए कपड़े पहनकर पूजन करने के लिए पहुंचे। जल, रोली, अक्षत, फूल, कच्ची सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, गुलाल और बताशे व नई फसल की बालियों के साथ महिलाओं ने पूजन किया। वहीं होलिका के पास ही गाय के गोबर से बनी झाल रखे। इसके बाद होलिका की परिक्रमा करते हुए पूजा की। वहीं शाम को मुहूर्त के समय बड़ी संख्या में लोग होलिका दहन देखने भी पहुंचे। शाम 6 बजकर 28 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक दहन का मुहूर्त था। इस दौरान लोगों ने ढोल की थापा व होली के लोकगीतों के साथ होलिका दहन किया। मंगलवार को अब धुलंडी यानि रंग वाली होली खेली जाएगी।
कोरोना वायरस के चलते इस बार बाजारों में भरी पिछले साल के मुकाबले खरीदारों की संख्या कम ही देखने को मिली है। लेकिन धुलंडी से एक पहले और दिनों के मुकाबले काफी चहल-पहल देखने को मिली। गुलाल और पिचकारी के साथ अन्य सामान की लोगों ने जमकर खरीदारी की। मिठाइयों में गुजिया, मेवा और खानपान की दुकानों पर जमकर भीड़ दिखी। कोरोना वायरस के चलते लोग खरीददारी कम कर रहे हैं, लेकिन शगुन के लिए रंगों की खरीदारी पर लोगों का जोर दिखाई दिया। रंग की बजाय गुलाल खरीदना लोग अधिक पसंद कर रहे हैं। सदर बाजार से लेकर, सेक्टर-14, सुखराली, सेक्टर-22 के बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिली।
पूर्वांचल जनकल्याण संघ ने मनाया होली मिलन समारोह
पूर्वांचल मूल के लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली सामाजिक संस्था पूर्वांचल जनकल्याण संघ द्वारा मारुति कुंज क्षेत्र में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, भोजपुरी व मैथिली कलाकारों ने होली गीत व नृत्य प्रस्तुत कर लोगों की खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम के संयोजक विनोद कुमार ने बताया कि राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना के बाद कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। इन कलाकारों के गीत व नृत्य पर दर्शक झूम उठे। इस आयोजन में पूर्वांचल के सदस्यों व परिजनों के अलावा स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और उन्होंने संस्था को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
होलिका पूजन कर महिलाओं ने की बच्चों की दीर्घायु की कामना, आज रंगों की होली
आज दोपहर तक बाहर जानें से बचेंमंगलवार को रंग व लट्ठमार होली भी कई स्थानों पर खेली जाती है। गुड़गांव के कई गांवों में ऐसी प्रथा है कि वहां पर आने-जाने वाले लोगों पर रंग गुलाल भी डाल देते हैं। इसके अलावा किसी भी हुड़दंग को देखते हुए घर से बाहर कहीं दूर ना जाएं। इसके अलावा प्राइवेट बसें भी दोपहर बाद ही सड़कों पर चलती है। इसके अलावा ऑटो व अन्य वाहन भी धुलैंडी के दिन नहीं मिल पाते। जिससे बेहतर ये ही रहेगा कि दोपहर बाद ही घर से बाहर निकलें।
मेवात, पटौदी, फर्रुखनगर में भी होली की तैयारियां तेज हैं
फिरोजपुर झिरका. होलिका दहन से पहले पूजा अर्चना करती महिलाएं।
गुड़गांव. होलिका पूजन करती महिलाएं।
नूंह| मेवात, पटौदी, फर्रुखनगर इलाकों में भी सोमवार को होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने विश्व शांति एवं परिवार की खुशहाली के उपवास करके भगवान विष्णु भक्त प्रहलाद, होलिका की विधिवत से पूजा अर्चना की और एक दूसरे को होली पर्व की बधाई दी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में होलिका दहन के लिए लकड़ियों, गोबर के उपले आदि एकत्रित किए गए। महिलाओं ने होलिका की विधिवत पूजा-अर्चना की और अपनी संतानों की दीर्घायु के लिए होलिका से कामना की। छोटे बच्चे काजू, किशमिश, नारियल व मेवों से बनी मालाएं पहनकर पूजा-अर्चना के लिए आए। उनकी माताओं ने बच्चों का होलिका पर माथा भी टिकवाया और प्रार्थना की। पूजन सामग्री में हरे चने व गेहूं की बालियां की बिक्री भी खूब हुई। होलिका दहन में इनको होलिका को अर्पित किया गया। महिलाओं ने होलिका का व्रत भी रखा और घरों में पकवान आदि भी बनाए। बाजारों में उपलों की मालाओं की भी खूब बिक्री हुई। उपलों से बनी इन मालाओं को होलिका को अर्पित किया गया।
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, गुड़गांव, मंगलवार 10 मार्च, 2020 |
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