रेवाड़ी-पटौदी के बीच गांव पहाड़ी के रेलवे फाटक संख्या 48 पर बने आरओबी के क्षतिग्रस्त होने की जांच अब आईआईटी दिल्ली करेगा। ऐसे में 14 करोड़ रुपए की लागत से बने इस आरओबी की जांच के लिए भी अब लाखों रुपए देने होंगे। पीडब्ल्यूडी के एसई राजीव यादव ने दावा किया कि इसमें लापरवाही नहीं है, केवल मिट्टी धंसी है।
आरओबी का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, उस पर सरिया व कंकरीट नहीं डाला जाता। केवल मिट्टी, उसके ऊपर रोड़े की लेयर और सबसे ऊपर तारकोल व रोड़ी की लेयर डाली गई है। जिसकी मिट्टी ढहने के साथ सड़क धंस गई। इस मामले में आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि इसे बहुत जल्दबाजी में बनाया गया था और रोड रोलर भी पूरी तरह नहीं चलाया गया। जिससे यह आरओबी धंस गया। ग्रामीणों ने पंचायत कर कहा कि इस आरओबी के गिरने की जिम्मेवारी जनप्रतिनिधियों व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की है, जिनका नाम शिलापट्ट पर लिखा गया। ठेकेदार की जिम्मेवारी होती तो उसका नाम शिलापट्ट पर होता।
फ्लाईओवर मामले में ग्रामीणों ने पंचायत कर जताया गुस्सा
7 मार्च को क्षतिग्रस्त आरओबी को लेकर ग्रामीण गुस्से में हैं। ग्रामीणों ने पंचायत कर सरकार के साथ निर्माण करने वाले विभाग, एजेंसी, ठेकेदार को भी आड़े हाथों लिया। साथ ही सरकार से जवाब मांगा है कि और कितने फ्लाईओवर गिरे हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह जनता को बताया जाए। गांव पहाड़ी में ही रविवार को सरपंच एकता मंच और विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख की अध्यक्षता में पंचायत की गई। पंचायत में कहा गया कि किसी भी परियोजना के विकास कार्य के शिलान्यास से लेकर उद्घाटन पट्ट पर विभाग के अधिकारियों सहित सरकार के मंत्रियों यहां तक की स्वयं सीएम के नाम लिखे जाते हैं। इसका सरकारी और नैतिक दायित्व भी यही साबित करता है कि शिलान्यास और उद्घाटन करने वाला ही जिम्मेदार सहित जवाबदेह भी है। यदि ऐसा नहीं है तो फिर प्रोजेक्ट को पूरा करने वाली कंपनी या ठेकेदार के नाम के शिलापट्ट क्यों नहीं लगाए जाते हैं। पंचायत में पहाड़ी गांव के सरपंच प्रदीप उर्फ लाला, पूर्व सरपंच नरेंद्र पहाड़ी, पूर्व सरपंच रतिराम, पूर्व सरपंच विजय, पूर्व सरपंच भरत समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
पटौदी थाना में दी शिकायत
अधिकार मंच के रमेश यादव ने पटौदी थाना प्रभारी को आरओबी क्षतिग्रस्त होने की शिकायत दी और इस संबंध में ठेकेदार व जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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