सिलाना गांव की हरिजन बस्ती का बुरा हाल है। यहां रहने वाले लोग काफी दुखी हैं। बस्ती में मौजूद जोहड़ की बदहाली यहां रहने वाले लोगों की समस्या का मूल कारण है। बस्ती में मौजूद जोहड़ के आसपास मकान बने हुए हैं और जब पूरे गांव का गंदा पानी इस हरिजन बस्ती के जोहड़ में आता है। ओवरफ्लो होकर ये पानी घरों में प्रवेश करता है। भूमिगत जल भी इस कदर ऊपर है कि जोहड़ के आसपास रहने वाले कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। यहां रहने वाले बलबीर, अशोक और ओमप्रकाश का कहना है कि चुनाव के दौरान तो हरिजन बस्ती में रहने वाले लोगों का ध्यान विभिन्न दलों के नेताओं को रहता है। समस्या पूछ कर उनके समाधान की बात की जाती है लेकिन चुनाव जीतने और वोट लेने के बाद कोई भी नेता वापस इस बस्ती में नहीं आता। यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है और यही कारण है कि हरिजन बस्ती की बदहाली की ओर किसी का ध्यान नहीं है। यहां बच्चे बीमार हो रहे हैं। पशुओं की हालत खराब है। संक्रमण के कारण बीमारियां पनप रही हैं। साफ पानी और बिजली का कोई प्रबंध नहीं है। आम आदमी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुरेंद्र नागर ने भी बीते दिनों गांव का दौरा किया और यहां की बदहाली को देखकर कहा कि लगता ही नहीं है कि ये गांव उस क्षेत्र में आता है जहां हल्के का नेतृत्व एक पूर्व मंत्री ने किया था। साथ ही उन्होंने क्षेत्र के मौजूदा कांग्रेस विधायक पर भी टिप्पणी की कि वे गांव के हालातों पर भी ध्यान दें।
ग्रामीण बोले-12 सालों से नहीं हुई जोहड़ की सफाई : सिलाना गांव की हरिजन बस्ती के लोगों का कहना है कि बीते 12 सालों से बस्ती के इस जोहड़ की साफ सफाई नहीं हुई है। कई बार गांव की पंचायत को इसके लिए कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जोहड़ में मलबा और गंदगी इस कदर ऊपर आ गई है कि वह सड़क मार्ग से मिल गई है और जब बरसात आती है तब यहां का माहौल और बिगड़ जाता है। गंदा पानी घरों में घुसता है और फिर हर घर अपने आंगन और कमरों से गंदे पानी को बाहर निकालने की कवायद में जुट जाता है। यह सिलसिला बीते 12-13 सालों से चल रहा है।
बस्ती के पार्क और मंदिर भी गंदगी के शिकार : हरिजन बस्ती के लोगों को स्वच्छ माहौल देने के लिए कुछ साल पहले यहां पार्क का निर्माण किया गया था पार्क उस जगह पर बनाया गया जहां पहले लोग कचरा डालते थे। लोगों ने सोचा कि ये बहुत बढ़िया कदम है। शहर के लोगों की तरह गांव की हरिजन बस्ती को भी पार्क की सुविधाएं मिल गई हैं, लेकिन कुछ समय बाद ही ये पार्क फिर कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। साफ सफाई न होने और आवारा जानवरों के यहां आने के कारण पार्क बदहाल है। इसके अलावा गांव के मंदिर में भी जोहड़ का गंदा पानी घुस जाता है।
सिलाना गांव की हरिजन बस्ती का जोहड़ जो कई सालों से साफ नहीं हुआ।
बस्ती में रहने वाले लोगों के मकान में आई हुई दरार।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33ckdca