शहर के लक्ष्मी विहार स्थित मजदूर भवन में सोमवार को विभिन्न जन संगठनों की मीटिंग सीएए, एनपीआर, एनआरसी के विरोध में कर्मचारी नेता वजीर सरोहा व नसीब खान की अध्यक्षता में हुई।
मीटिंग का संचालन करते हुए अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव रोहताश राजली ने प्रस्ताव रखा कि आज देश में भाजपा सरकार देश के संविधान की प्रस्तावना ‘’हम भारत के लोग की मूल भावना के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनपीआर को लागू करने के इतिहास का बुरा अनुभव देश में रहा है। जिसको देश की पिछली सरकारों ने और संवैधानिक संस्थाओं ने इस कानून को लागू करने के औचित्य को नकार दिया और कहा कि यह कानून अनावश्यक उलझनों में डालने वाला कानून है। जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ेगा व लोग संबंधित दस्तावेज जुटाने में परेशान रहेंगे। रोहताश राजली ने कहा कि अब भाजपा सरकार ने नागरिकता के कानून में धर्म को जोड़कर देश की संस्कृति, विविधता में एकता की भावना को खंडित करने का काम किया है। ऐसे में इसके विरोध में तमाम जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पास करते हुए 12 मार्च को मजदूर भवन में एक सेमिनार का आयोजन करने का फैसला लिया है।
मीटिंग में भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला सचिव कामरेड राजू बरवाला, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान डॉ. मियां सिंह बिठमड़ा, जनवादी लेखक संघ के जिला सचिव सरदानंद राजली, भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष राजेश सरसौद, सामाजिक चिकित्सक संघ के राज्य अध्यक्ष डॉ. सुभाष सैनी, विकलांग मंच के राज्य महासचिव ऋषिकेश राजली, जिला अध्यक्ष राजवीर सरहेड़ा, ब्लॉक प्रधान कृष्ण गुरी, आम आदमी पार्टी के नेता व सामाजिक कार्यकर्ता जीतू सरदाना, भवन निर्माण कामगार यूनियन के ब्लॉक प्रधान रामफल बरवाला, नागरिक मंच बरवाला के सचिव मा.सुभाष पैंतिया, मा. पृथ्वी सिंह, रमेश सरहेड़ा आदि उपस्थित रहे।
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