क्षेत्र के अधिकांश किसानों को बीते वर्ष बरसात से खराब हुई धान और कपास की फसलों का मुआवजा नहीं मिला है। लंबे समय से मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों में रोष है। गुरूवार को छिछड़ाना गांव में मुआवजा राशि जारी करने की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों का नेतृत्व भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने किया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपात से खराब हुई फसलों के मुआवजा के लिए अधिकांश किसानों ने फसलों का बीमा करवाया हुआ है। किसानों को फसल बीमा योजना का वांछित लाभ नहीं मिल रहा है। वर्ष 2018 और 2019 में किसानों की धान व कपास की फसलें अधिक बरसात से खराब हो गई थी। अधिकांश किसानों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। बीमा कंपनी ने कुछ किसानों को ही मुआवजा राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिलने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते ही बीमा कंपनी भी किसानों को मुआवजा राशि जारी नहीं कर रही है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है। किसानों ने नुकसान की भरपाई के लिए ही बीमा करवाया था। कंपनी ने बीमा प्रीमियम काट लिया। इस अवसर पर भगत सिंह, रविंद्र मलिक, रामपत, सुरेश सुभाष, संदीप, राजबीर आदि उपस्थित थे।
गेहूं की फसलों की जल्दी हो स्पेशल गिरदावरी
किसानों का कहना है कि बीते दिनों हुई बरसात से क्षेत्र में गेहूं की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान की भरपाई के लिए क्षेत्र के किसानों ने आवेदन भी किया है। बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारियों ने अभी तक फसलों की गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
गोहाना. छिछड़ाना गांव में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान।
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