नई दिल्ली.दिल्ली में आज जब खबर पढ़ेंगे तो लॉकटाउन का आदेश लागू हो चुका होगा, लेकिन इस लॉकडाउन में भी दिल्ली को चलाने के लिए जरूरी दिल्ली का बजट सोमवार को ही पेश होगा और कुछ ही घंटे में पास भी कर दिया जाएगा। बजट पहले 25 मार्च को पेश किया जाना था, लेकिन शनिवार को इसकी तारीख बदलकर 23 मार्च कर दी गई जिस समय लॉकटाउन की घोषणा नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकटाउन की घोषणा करते समय कहा कि विधानसभा का बजट सत्र है तो वहां का काम जारी रहेगा।
दिल्ली एकसाथ 5 लोगों के एकत्रित होने की मनाही है लेकिन विधानसभा में आठ विपक्षी दल के विधायक सहित 70 विधायक हैं। अगर पांच से अधिक एकत्रित होते हैं तो उनके बीच 1 मीटर गैप की बात कही गई है, यहां अगर सभी विधायक पहुंच गए तो एक सीट छोड़कर बैठाने की भी जगह नहीं है। लेकिन चूंकि किसी भी राज्य का बजट पास किया जाना जरूरी होता है इसलिए ये सत्र होगा। हालांकि लॉकडाउन और खतरे के देखते हुए सत्तापक्ष और विधानसभा अध्यक्ष की कोशिश होगी कि जल्द से जल्द बजट पेश हो और कुछ ही घंटे में पास करके अनिश्चितकाल के लिए विधानसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी जाए।
सब्सिडी पर सरकार खर्च करेगी बड़ी राशि, मोहल्ला मार्शल होंगे तैनात
दिल्ली सरकार के अधिकारी लगातार बजट की तैयारी में जुटे थे। इसमें आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जो गारंटी पत्र और घोषणा पत्र में वादे किए हैं, उनकी सीधी झलक बजट में दिखाई देगी। सबसे बड़ी राशि बिजली सब्सिडी के लिए करीब 2800 करोड़, 20 हजार लीटर तक फ्री पानी के लिए 400 करोड़, बस में महिलाओं व छात्रों की फ्री यात्रा के लिए 600 करोड़ रुपए से अधिक, ई व्हीकल पर सब्सिडी के लिए 40-50 करोड़ रुपए, डीटीसी और क्लस्टर बस के परिचालन में प्रति किमी होने वाले घाटे की भरपाई के लिए करीब 3000 करोड़ रुपए रखने जाने की उम्मीद है। वहीं बसों की खरीद के लिए भी इस बार बड़ी राशि रखी जाएगी। सालों से लंबित बस क्यू शेल्टर और बसों में सीसीटीवी कैमरा के लिए 400 करोड़ रुपए के अलावा मोहल्ला मार्शल और बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा के लिए भी बड़ी राशि बजट में रखी जाएगी।
कोरोना के लिए भी बजट में प्रावधान
दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार का चालू वित्तवर्ष का बजट 60 हजार करोड़ रुपए का है लेकिन बड़ी राशि खर्च नहीं हो पाई है। ऐसे में 31 मार्च, 2020 में जब वित्तवर्ष खत्म होगा करीब 5000 करोड़ रुपए खजाने में बचे रहने की संभावना है। इतना ही नहीं लोकसभा और विधानसभा का चुनाव होने के कारण वित्तवर्ष में कई योजनाओं के लिए रखी गई राशि खर्च नहीं हुई है। फिर भी बजट 63-64 हजार करोड़ रुपए तक रखा जा सकता है। वहीं कोरोना महामारी के संकट से उबरने के लिए बजट में प्रावधान को लेकर दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एमसीडी के बजट में महामारी के लिए व्यवस्था होती है। ये अपनी किस्म की पहली महामारी सामने आई है। इसके लिए चाहे तो सरकार लोगों को राहत देने के लिए राहत पैकेज की व्यवस्था बजट में कर सकती है। अगर नहीं भी करती है तो बाद भी भी कैबिनेट की मंजूरी से राहत के फैसले लिए जा सकते हैं।
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