प्रदेश में अटल किसान-मजदूर कैंटीन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पांच मंडियों में यह फरवरी से चल रही हैं, लेकिन अब छह और जिलों में इन्हें चालू कर दिया गया है। प्रदेश में कुल 25 जगहों पर यह कैंटीन खोले जाने की योजना सरकार ने बनाई है। सबसे खास बात यह है कि इनमें किसानों व मजदूरों को 10 रुपए में भोजन मिलता है।
भोजन की पौष्टिकता व सफाई आदि के लिए कैंटीन पर चेकिंग होती है। यही नहीं हर कैंटीन में सीसीटीवी लगाए गए हैं। जल्द ही प्रदेश की अन्य अनाज मंडियों में भी इस तरह की कैंटीन खोली जाएंगी। इसके लिए संबंधित जिलों में योजनाएं बनाई जा रही हैं। हाल ही में प्रदेश के छह जिलों में अटल किसान-मजदूर कैंटीन खोली गई हैं। इनमें सिरसा, फतेहाबाद के टोहाना, करनाल के घरौंडा, रोहतक व कुरुक्षेत्र के थानेसर शामिल हैं। जबकि पहले फेज में फरवरी 2020 में करनाल, पंचकूला, भिवानी, फतेहाबाद व नूह में यह कैंटीन खोली जा चुकी हैं।
कृषि अधिकारियों के अनुसार कैंटीन में करीब छह लाख रुपए का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें गैस बर्नर, चिमनी, डीप फ्रीजर, वाटर कूलर सहित अन्य सामान शामिल हैं। बेसिक सामान एचएसएमबी की ओर से दिया जा रहा है। जबकि एक बैंक द्वारा भी सामान उपलब्ध कराया गया है। खास बात यह है कि ये कैंटीन सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा चलाई जा रही हैं। हर कैंटीन से रोजाना 300 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। कैंटीन में लोगों को तवा रोटी, चावल, दाल फ्राई, सीजनल सब्जी, पोर्टेबल पेयजल दिया जा रहा है।
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