पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तेल के दामों में हो रही बढ़ोतरी पर सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने इसे किसानों और आम आदमी के खिलाफ साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों को जहां राहत देनी चाहिए। वहीं, सरकार ने 19 रुपए प्रति लीटर डीजल का दाम बढ़ा दिया। किसान का ज्यादातर काम डीजल पर निर्भर है। सिंचाई से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में सबसे ज्यादा डीजल इस्तेमाल होता है।
ऐसे में न केवल किसान पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ेगी। बीजेपी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का दावा कर रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि फसल की कीमत दोगुना करने की योजना पर काम कर रही है। देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा लगातार 22वें दिन भी जारी है। इससे कृषि लागत में कम से कम दो हजार रुपए एकड़ बढ़ने का अनुमान है।
हुड्डा ने मांग की कि प्रदेश और केंद्र दोनों सरकारें अपना टैक्स कम करें, ताकि कच्चे तेल की घटी कीमतों का फायदा आम आदमी को मिल सके। पूर्व सीएम कहा किपिछले खरीफ सीजन के दौरान रोटावेटर से लेवल करने का खर्च प्रति एकड़ 1320 रुपए था, जो बढ़कर 2080 रुपए हो गया है। इसी प्रकार डीजल इंजन पंपिंग सेट का रेट 150 रुपए प्रतिघंटा से बढ़कर 220 रुपए हो गया है। इसकी बड़ी वजह डीजल का बढ़ता रेट है।
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