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Sunday, 28 June 2020

कुश्ती से लेकर बॉक्सिंग और ताइक्वांडो जैसे खेलों में भी आया बदलाव, खुद डमी खरीद खिलाडी कर रहे प्रैक्टिस

(अनिल बंसल)कोरोना से खेल भले रुके हैं, पर खिलाड़ी नहीं। इनका लक्ष्य भी वही है। बदला है तो सिर्फ अभ्यास का तरीका। इसके लिए खिलाड़ियों को शुरुआती चरण में दिक्कत तो हुई, पर खिलाड़ियों ने अब इस चुनौती पर भी जीत हासिल कर ली है। खिलाड़ी अपने स्तर पर डमी खरीदकर उससे शक्ति का आकलन कर रहे हैं। साथ ही कुछ तकनीक के वीडियो व अन्य उपकरणों के माध्यम से खुद को फिट बना रहे हैं। ये वीडियो तकनीक के साथ अपने भाइयों के साथ प्रैक्टिस कर खुद को मजबूत बनाने में जुटे हैं।

कुश्ती-ताइक्वांडो में भी आया बदलाव, कोरोना के चलते पार्टनर के साथ नहीं हो सकती प्रैक्टिस इसलिए खुद डमी खरीद कर रहे अभ्यास...चाहे भारतीय कुश्ती कैंप में शामिल पहलवान अमित धनखड़ हों या फिर एशियन चैंपियनशिप की तैयारी में जुटे ताइक्वांडों खिलाड़ी सौरव शर्मा। उनके अलावा वर्ल्ड नंबर-1 रेसलर बजरंग पूनिया से लेकर स्टार मुक्केबाज सुमित सांगवान भी अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि लंबे समय तक सिर्फ फिजिकली फिटनेस ही काफी नहीं होगी, तकनीकी की मजबूती भी बरकरार रखना जरूरी है।

हार्ट रेट मॉनिटर के जरिए से स्पारिंग और हार्ट रेट की मिलेगी जानकारी :मार्शल आर्ट से जुड़े खिलाड़ियों के लिए नई तकनीक विकसित की गई है। जिसमें हार्ट रेट मॉनिटर एक ऐसा डिवाइस है, जिसे आप छाती और हथेली पर पहन सकते हैं। आपकी छाती पर लगाए गए स्ट्रैप्स में एक डिजिटल सेंसर होता है, जो ट्रेनिंग के दौरान आपका हार्ट रेट चैक करता है और फिर उसे हथेली पर लगे मॉनिटर में दर्शाता है।

उदाहरण के लिए, स्पारिंग व भारी-भरकम बैग के साथ तैयारी करने से आपका हार्ट रेट बढ़ता है और एक अलग स्तर पर पहुंच जाता है। अगर आप एक स्तर तक हार्ट रेट को कायम रखने का प्रयास करेंगे तो आपके स्टैमिना और शारीरिक स्थिति में सुधार होगा।

साई ने अभ्यास को लेकर जारी की हुई ये गाइडलाइन

  • खिलाड़ी मैदान पर कसरत नहीं करेंगे।
  • हॉकी खिलाड़ी ट्रेनिंग में स्टिक शेयर नहीं करेंगे।
  • खिलाड़ियों को उपकरण सैनिटाइज करने होंगे।
  • बॉक्सिग में सर्किल ट्रेनिंग होगी।
  • खिलाड़ियों में 2 मीटर की दूरी होगी।
  • कुश्ती व फेंसिंग खिलाड़ी डमी के साथ ट्रेनिंग कर सकेंगे, लेकिन हर वजन के पहलवान की अलग होगी।
  • अभ्यास के दौरान खिलाड़ी एक साथ हॉस्टल में इकट्‌ठे नहीं होंगे।

राजस्थान से 30 हजार में डमी मंगवाई
सौरव शर्मा, ताइक्वांडों खिलाड़ी ने बताया कि खुद को तकनीकी तौर पर भी तैयार रखना जरूरी है। इसलिए राजस्थान से 30 हजार में डमी मंगवाकर अभ्यास कर रहा हूं। एशियन चैंपियनशिप के लिए टीम में चयन हो चुका है। इस चैंपियनशिन से ओलिंपिक की ओर मेरे कदम और मजबूती से आगे बढ़ेंगे।

वीडियो पर टास्क, भाई संग प्रैक्टिस
सुमित सांगवान, बॉक्सर, एशियन रजत पदक विजेता ने कहा कि नेशनल कोच के साथ टच में हूं। हर दिन वीडियो पर तकनीकी दक्षता को लेकर टास्क आता है। उसके बाद भाई के साथ मिलकर घर पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करता हूं। टारगेट ओलिंपिक है। इसलिए शारीरिक, मानसिक एवं तकनीकी के आधार पर खुद को बेहतर बना रहा हूं।

पहले व्यायाम फिर डमी से ट्रेनिंग
अमित धनखड़, रेसलर, एशियन रजत पदक विजेता ने कहा कि हालात सही नहीं है, पर समय खुद को कमजोर बनाने का नहीं, बल्कि अभ्यास के जरिए आगे बढ़ने का है। फिजिकल फिटनेस के बाद तकनीकी दांवपेंच के लिए डमी के जरिए अभ्यास करता हूं। मेरा टारगेट ओलिंपिक है। अगले ट्रायल की तैयारियों में जुटा हूं।

सप्ताह में 4 दिन ऑनलाइन ट्रेनिंग
कुलदीप मलिक, चीफ कोच, भारतीय कुश्ती टीम ने कहा कि सोमवार, मंगलवार गुरुवार और शुक्रवार को खिलाड़ियों सेऑनलाइन जुड़ता हूं। अब तकनीकी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। डमी से जूनियर पहलवानों की कुश्ती कराकर दांवपेंच सिखा रहे हैं। अगले माह नेशनल कैंप लगाया जा सकता है।








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डमी से प्रेक्टिस करते ताइक्वांडों खिलाड़ी सौरव शर्मा। पहलवान अमित धनखड़ (राइट साइड में)


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