(मनोज कुमार) कोरोना के दौरान लॉकडाउन में हुए शराब घोटाले की जांच के लिए सीनियर आईएसएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता वाली स्पेशल इन्क्वायरी टीम ने रिपोर्ट गुरुवार रात नौ बजे एसीएस होम विजय वर्धन को सौंपी। इसके बाद शुक्रवार की सुबह गृह मंत्री अनिल विज के अम्बाला स्थित आवास तक पहुंची।
396 पेज की करीब 15 किलो वजनी इस रिपोर्ट में शराब की तस्करी को लेकर एक्साइज और पुलिस दोनों ही महकमों की खामियां उजागर की गई हैं। करीब 80 दिन चली इन्क्वायरी में टीम के पास इन्वेस्टिगेशन की पावर न होने की वजह से इस घोटाले की गहन जांच नहीं हो पाई है। इसलिए मामले में किसी बड़े नाम का खुलासा नहीं हो सका है। दैनिक भास्कर ने एसईटी के गठन के साथ ही बता दिया था कि यह टीम गहन जांच नहीं कर पाएगी। केवल कागजों का मिलान करेगी।
रिपोर्ट में... गहन जांच की हुई सिफारिश
- सूत्रों का कहना है कि एसईटी को डीजीपी मनोज यादव की ओर से शराब तस्करी से जुड़ी करीब 90 एफआईआर सौंपी थी। उसमें डिस्टलरियों से जुड़े मामलों के आईओ और डीईटीसी को टीम ने बुलाया था। उनसे रिकॉर्ड मांगा गया। लेकिन डिस्टलरी तक जांच न करने का अधिकार टीम के पास नहीं था।
- जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में शराब पकड़ने के बाद जुर्माना ही नहीं लगाया गया। जबकि कई ऐसे मामले भी सामने आए कि तस्करों पर जुर्माना लगाया गया। परंतु वसूला नहीं गया। ऐसे में शराब माफिया पनपता जा रहा है।
- एक्साइज डिपार्टमेंट की ओर से लॉकडाउन में शराब की स्थिति को लेकर रिपोर्ट नहीं दी गई। हालांकि पावर न होने से टीम विभागीय अफसरों के खिलाफ कुछ नहीं कर पाई।
- डीईटीसी से केवल इतना पूछा गया कि उन्होंने क्या किया और क्या नहीं। क्यों नहीं किया, यह पूछने की पावर कमेटी के पास नहीं थी। इसलिए रिपोर्ट में विभाग के खिलाफ लिखा गया है। बताया गया है कि लॉकडाउन में एक करोड़ शराब की बोतलें बिकी थी।
- टीम ने लॉकडाउन में शराब तस्करी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में लिखा गया है कि एक्साइवज विभाग की कमी तो रही ही है, लेकिन लॉकडाउन में पुलिस सड़कों पर थी तो उसने क्यों नहीं देखा।
एसीएस होम से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
गृह मंत्री, अनिल विज ने कहा कि एसईटी ने 15 किलो वजनी रिपोर्ट दी है। स्टडी करने के लिए एसीएस होम को लिखा गया है। जिसमें वे बताएंगे कि इसमें क्या सिफारिश और कार्यवाही के लिए कहा गया है। 5 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
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