बिंझौल गांव के लक्ष्य (10), अरुण (12) और वंश (10) की हत्या और न्याय मांगने आए पीड़ितों व कश्यप समाज के लोगों पर लाठीचार्ज के मामले में अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। गृहमंत्री अनिल विज के आदेश पर जांच कर रहे करनाल एसपी सुरेंंद्र सिंह भौरिया ने सोमवार को दो दिन पूरे होने पर गृहमंत्री को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें एसपी ने गहराई से जांच करने के लिए 3 सप्ताह का समय और मांगा है।
साथ ही बताया कि उन्होंने मामले में डीएसपी जगदीप दूहन के नेतृत्व में एक एसआईटी बना दी है। जो घटनास्थल पर विजिट करके आई है। गृहमंत्री विज ने कहा कि फाइनल रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। वहीं, हत्या केस में नामजद आरोपी ब्लीच हाउस के मालिक हरिओम गुप्ता, मुनीम पवन बंसल, खेत मालिक आशू और उसकी मां निर्मला का मधुबन स्थित एफएसएल से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए एसआईटी मंगलवार को डायरेक्टर को आवेदन कर टेस्ट के लिए समय मांगेगी।
सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री की दखल के बाद मामले में तेजी आई है। जल्द ही पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए डेथ मिल जाएगी और पेंडिंग विसरा और डायटम टेस्ट रिपोर्ट भी पुलिस को जल्द मिल जाएगी।
एसआईटी दोनों केसों की पैरलल जांच कर रही है। पानीपत पुलिस ने एसआईटी को लाठीचार्ज करने का कारण बताया कि लोगों ने डीएसपी की घेराबंदी कर ली गई थी। वहां पर हमला हो सकता था। जीटी रोड जाम से पब्लिक परेशान थी। कुछ लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया था। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। एसआईटी इसकी जांच कर रही है। एसआईटी प्रमुख डीएसपी जगदीप दूहन ने बताया कि मंगलवार को घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज जुटाए हैं। इसके अलावा हत्या के मामले में डंप उठाए हैं। कॉल डिटेल को भी चेक कर रहे हैं।
करनाल के एसपी सुरेंंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि केेस में जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट गृहमंत्री अनिल विज को सौंप दी है। बच्चों के डेथ के मुख्य कारण पेंडिंग है। पीड़ित परिवार और समाज के मुख्य लोगों से 3 बार मीटिंग कर उनके जो-जो सवाल, जो-जो डाउट थे वे सब क्लियर करवा दिए। दो से तीन पहलु पर और जांच होनी है। इसकी जांच भी आगामी दिनों में भेज दी जाएगी।
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