खुद को दिल्ली में विजिलेंस एसपी और झज्जर डीसी बताकर दो शातिरों ने डीसी ऑफिस की महिला ऑपरेटर के खाते से 95000 की ठगी कर ली। अब महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दी है। इसके बाद अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
धोड़ गांव निवासी राजेश देवी डीसी ऑफिस में आपरेटर है और फिलहाल कोविड 19 कंट्रोल रूम में उसकी ड्यूटी है। बीते मंगलवार को उसके पास एक फोन आता है। ठग ने कहा कि वह एसपी विजिलेंस दिल्ली बोल रहे हैं और आप के खिलाफ बैंक से क्रेडिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी का केस है।
महिला कर्मचारी एसपी विजिलेंस का नाम सुन घबरा गई। यही नहीं फर्जी एसपी विजिलेंस ने फोन पर कांफ्रेंस के जरिए उपायुक्त झज्जर को लेने की बात कही और किसी अन्य ठग को नकली जिला उपायुक्त बताकर महिला कर्मचारी की बात करा दी। यहां तक महिला कर्मचारी को धमकाते हुए आज ही मामला निपटाने की बात कही।
महिला कर्मचारी ने बताया कि ठग ने कहा गया कि अगर जल्द एक लाख का भुगतान नहीं करते हैं तो केस में डेढ़ लाख रुपए के साथ गाजियाबाद कोर्ट में जमानत करानी होगी। तब महिला कर्मचारी राजेश ने इतने पैसे खातें में न होने और क्रेडिट कार्ड पहले ही बंद करा दिए जाने की बात भी कही।
लेकिन जाल में फंसी व डरी महिला कर्मचारी पर पूरा दबाव बना दिया। जिसके बाद कर्मचारी ने नेट बैंकिंग के जरिए 95000 रुपए ठग के खाते में रात को ही ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन महिला को खुद के साथ ठगी होने का आभास हुआ।
कर्मचारी ने डीसी को सुनाई आपबीती
ठगी के इस मामले की बात महिला कर्मचारी राजेश देवी ने डीसी जितेंद्र कुमार से मुलाकात की और उन्हें अज्ञात व्यक्ति के फोन आने से लेकर डीसी बनकर एक अन्य ठगी से बातचीत होने और दबाव में आकर अपने बैंक खाते से 95 हजार रुपए देने का पूरा मामला सुनाया।
हालांकि डीसी झज्जर ने महिला कर्मचारी के साथ हुई ठगी के मामले के बाद उससे एक शिकायत पत्र लिखवाया और कार्रवाई के लिए एसपी के नाम भेज दिया इसके बाद पुलिस इस मामले में सक्रिय हुई।
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